नेट न्यूट्रैलिटी के उल्लंघन के आरोप के बीच टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने भारती एयरटेल के पोस्टपेड प्रायोरिटी प्लान की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक ट्राई ने प्लान की अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इस पूरे मामले पर और ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने बताया कि एयरटेल के इस प्लान पर नेट न्यूट्रैलिटी के उल्लंघन का आरोप है। ट्राई नेटवर्क के स्टैंडअलोन टावर की संख्या बताने को कहा है। यह भी पूंछा गया है कि क्या कंपनी सभी इलाकों में प्रायोरिटी सेवाएं दे सकती है?
ट्राई ने कंपनी को प्रायोरिटी की परिभाषा बताने को भी कहा है। कंपनी से यह भी पूंछा गया है कि पोस्टपेड ग्राहकों को प्रीपेड ग्राहकों से क्या अलग मिलेगा? क्या कंपनी सभी जगह न्यूनतम स्पीड की गारंटी दे सकती है? इस पर भारती एयरटेल ने अभी तक CNBC-आवाज़ के सवालों का जवाब नहीं दिया है।
बता दें कि हाल में ही भारती एयरटेल ने अपने पोस्ट पेड प्रायोरिटी प्लान लॉन्च किए हैं। इसी लेकर नेट न्यूट्रिलिटी की डिबेट छिड़ गई है। इसमें सवाल किया जा रहा है कि यह प्लान नेट न्यूट्रिलिटी का उल्लंघन करता है या नहीं करता है? क्योंकि Airtel ने दावा किया है कि वो इस प्लान में 5G स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रही है जिसके जरिए इस प्लान के उपभोक्ताओं को एक फास्ट लेन दी जा रही है। इसके जरिए वे हाई स्पीड इंटरनेट एक्सेस कर सकते हैं।
हालांकि नेट न्यूट्रैलिटी के नियम कहते हैं कि कोई कंपनी कमर्शियल टर्म के ऊपर किसी भी उपभोक्ता की स्पीड बढ़ा या घटा नहीं सकते। ऐसे में इसको लेकर के अब टेलीकॉम रेगुलर ट्राई ने Airtel की जांच शुरू कर दी है।
एयरटेल के शेयरों की चाल पर नजर
इस विवाद के बीच एयरटेल के शेयर आज 3.60 रुपए यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 1814.20 रुपए पर बंद हुए है। आज का इसका दिन का हाई 1,825 रुपया और दिन का लो 1,777.40 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 2,174.50 रुपए और 52 वीक लो 1,740.50 रुपए है। 1 हफ्ते में यह शेयर 1.77 फीसदी गिरा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 3.85 फीसदी की गिरावट आई है। 3 महीने में यह शेयर 3.15 फीसदी गिरा है। इस साल अब तक इस शेयर में 13.84 फीसदी की कमजोरी आई है। वहीं, 1 साल में इसमें 2.15 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, 3 साल में इसमें 116.88 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।