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सोलर पावर टैरिफ बढ़कर 2.7 रुपये प्रति यूनिट तक होने की संभावनाः क्रिसिल

रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट्स पर GST बढ़ने का सोलर पावर के टैरिफ पर असर पड़ सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 25, 2021 पर 10:35 PM
सोलर पावर टैरिफ बढ़कर 2.7 रुपये प्रति यूनिट तक होने की संभावनाः क्रिसिल

देश में सोलर एनर्जी टैरिफ बढ़कर 2.6-2.7 रुपये प्रति यूनिट तक हो सकता है। रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और इम्पोर्ट सोलर मॉड्यूल्स पर कस्टम्स ड्यूटी लगाने के प्रपोजल से टैरिफ महंगा होने की संभावना है।  GST काउंसिल की पिछले महीने हुई मीटिंग में मॉड्यूल्स, सेल्स और इनवर्टर्स पर GST को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का फैसला हुआ था।

हाल की ऑक्शंस में सोलर पावर का टैरिफ बढ़ा है। यह पिछले वर्ष दिसंबर में 1.99 रुपये प्रति यूनिट के लो लेवल पर था।

क्रिसिल रेटिंग्स ने बताया कि कमोडिटी के प्राइसेज बढ़ने और सोलर मॉड्यूल्स पर अगले वर्ष अप्रैल से 40 प्रतिशत और सोलर सेल्स पर 25 प्रतिशत बेसिक कस्टम्स ड्यूटी लगने से सोलर टैरिफ में वृद्धि हो रही है।

क्रूड ऑयल, गैस और कोल जैसे फ्यूल के प्राइसेज बढ़ने का असर सोलर सेगमेंट पर पड़ा है।

क्रिसिल ने कहा कि केंद्र सरकार ने सोलर पावर प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स पर GST को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया है। इससे सोलर प्रोजेक्ट पर कुल टैक्स 8-9 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 13 प्रतिशत हो गया है। इम्पोर्टेड सोलर मॉड्यूल्स पर अगले वर्ष अप्रैल से 40 प्रतिशत की कस्टम्स ड्यूटी लगने से यह दोगुने से अधिक बढ़कर लगभग 30 प्रतिशत हो जाएगा।

टैरिफ के महंगा होने पर राज्यों की पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां सोलर पावर खरीदने से पीछे हट सकती हैं और इससे रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों को नुकसान होगा।

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