Crude Oil Crash: कच्चे तेल में फिलहाल स्थिरता आई है और आज 5 नवंबर को इसके भाव में हल्की हलचल दिख रही है। हालांकि इससे पहले ओवरनाइट में इसके भाव इतने तेजी से टूटे कि यह न सिर्फ प्रति बैरल $100 के नीचे आ गया बल्कि $95 के भी नीचे आ गया। कच्चे तेल के दोनों ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) और अमेरिकी वैरिएंट वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में ओवरनाइट 8-8% की तेज गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड $95 के करीब बंद हुआ तो WTI भी फिसलकर प्रति बैरल $88 के पास बंद हुआ। मई के बाद से इनके भाव में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट रही।
कच्चे तेल में क्यों आई तेज गिरावट?
सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की शानदार जीत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आई। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी पर ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और कोई समझौता करने का दबाव बढ़ेगा। बीओके फाइनेंशियल सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का मानना है कि कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से अमेरिकी सैन्य खर्च सीमित हो सकता है और युद्ध भी जल्दी खत्म हो सकता है।
ट्रंप सरकार ने भी माना युद्ध बनी हार की वजह
चुनाव में हार के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक लंबी पोस्ट में लिखा कि ईरान के साथ युद्ध और अमेरिका-इजरायल संबंधों को लेकर वोटर्स की नाराजगी ने ही चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को डुबो दिया। सीनेट में माइनॉरिटी लीडर और डेमोक्रेट चक शूमर (Chuck Schumer) ने भी जल्द ही युद्ध खत्म करने का वादा किया है। इसके अलावा बुधवार को जब मतदान चल ही रहा था, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा था कि ईरान पर हमले तेज करने की तत्काल कोई योजना नहीं है। ट्रम्प ने यह भी माना कि यह बात काफी हद तक सच है कि युद्ध के कारण ही रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
कमर्शियल जहाजों पर बढ़ते हमलों के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई बढ़ी, लेकिन ऑयल प्रोडक्ट्स का शिपमेंट अभी भी सीमित है। इसके चलते अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई, जिससे मतदाताओं का गुस्सा चुनाव नतीजों में भी साफ दिखा। यूक्रेन और रूस के एक-दूसरे के एनर्जी इंफ्रा पर लगातार हमले किए जाने के कारण पूरे अक्टूबर महीने में तेल की कीमतें प्रति बैरल $100 डॉलर से ऊपर बनी रहीं।
अमेरिका के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले हफ्ते डीजल समेत अमेरिका में डिस्टिलेट्स का स्टॉक 10.0 करोड़ बैरल के लेवल से नीचे आ गया, जो साल 2003 के बाद का सबसे निचला स्तर है। कच्चे तेल का भंडार भी लगातार पांचवें हफ्ते कम हुआ है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।