क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। 5 नवंबर को ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर करीब 94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था। अब इसमें थोड़ी तेजी दिखी है। भारतीय समय के मुताबिक, शाम 7 बजे ब्रेंट क्रूड का भाव 97 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। क्रूड के 100 डॉलर से नीचे आ जाने पर इनफ्लेशन पर दबाव घटेगा। अगर यह 100 डॉलर से नीचे बना रहता है तो आरबीआई दिसंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में पहले के अनुमान के मुकाबले कम वृद्धि कर सकता है।
क्रूड में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर
क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी हिस्सा क्रूड ऑयल का आयात करता है। ऐसे में क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश का इंपोर्ट बिल बढ़ता है। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ता है। रुपये में कमजोरी आने से आयात महंगा होता है, जिसका असर घरेलू महंगाई पर पड़ता है।
महंगाई रोकने के लिए इंटरेस्ट बढ़ाता है RBI
आरबीआई महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है। अक्तूबर में केंद्रीय बैंक ने इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि की थी। माना जा रहा था कि वह दिसंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि कर सकता है। इसकी वजह यह है कि पिछले कई महीनों से रिटेल इनफ्लेशन लगातार बढ़ रहा है।
RBI दिसंबर में आधा फीसदी नहीं बढ़ाएगा इंटरेस्ट रेट
IDFC फर्स्ट बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट गौरा सेनगुप्ता के मुताबिक, दिसंबर में RBI के ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का अनुमान अब घटकर 25 बेसिस प्वाइंट रह गया है। अगले एक साल में ब्याज दरों में कुल 100 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का अनुमान भी घटकर करीब 75 बीपीएस रह गया है। इसका मतलब है कि बाजार को अब RBI का रुख कम आक्रामक रहने की उम्मीद है।
अमेरिका-ईरान की लड़ाई से क्रूड में उबाल
इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल आया था। तब से लेकर अब तक ब्रेंट क्रूड का भाव हाई लेवल पर बना रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ था। अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस के नतीजों के बाद ईरान से सुलह की उम्मीद बढ़ी है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट आई है।