Crude Oil के 126 डॉलर पर जाने से CEAT, SpiceJet, Indigo 5% तक फिसले

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 30 अप्रैल को एक समय चढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। यह मार्च 2022 के बाद ब्रेंट का सबसे हाई लेवल है। इसका असर टायर बनाने वाली कंपनियों सहित कई दूसरी कंपनियों पर दिखा। 1:30 बजे CEAT का शेयर 4.75 फीसदी गिरकर 3,453 रुपये पर चल रहा था

अपडेटेड Apr 30, 2026 पर 2:02 PM
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ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखा।

क्रूड ऑयल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में 30 अप्रैल को गिरावट आई। सीएट, स्पाइसजेट और इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में ज्यादा गिरावट आई। इसकी वजह क्रूड में अचानक आया उछाल है। क्रूड का भाव 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में यह गिरकर 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। लेकिन, क्रूड में उछाल ने उन कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके उत्पादन में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।

टायर कंपनियों के शेयरों में गिरावट

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 30 अप्रैल को एक समय चढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। यह मार्च 2022 के बाद ब्रेंट का सबसे हाई लेवल है। इसका असर टायर बनाने वाली कंपनियों सहित कई दूसरी कंपनियों पर दिखा। 1:30 बजे CEAT का शेयर 4.75 फीसदी गिरकर 3,453 रुपये पर चल रहा था। Apollo Tyres का शेयर 3.37 फीसदी गिरकर 409 रुपये पर चल रहा था। JK Tyre का शेयर 1.28 फीसदी की कमजोरी के साथ 401 रुपये पर चल रहा था। टायर्स के उत्पादन में सिंथेटिक रबर और कार्बन ब्लैक का इस्तेमाल होता है, जो क्रूड के डेरिवेटिव्स से लिंक्ड हैं।


स्पाइसजेट और इंटरग्लोब एविएशन पर भी दबाव

एयरलाइंस कंपनियों के शेयरों में भी 30 अप्रैल को गिरावट आई। Interglobe Aviation का शेयर 1.77 फीसदी गिरकर 4,269 रुपये पर चल रहा था। यह शेयर एक गिरकर 4,174 रुपये पर आ गया था। SpiceJet का शेयर 3 फीसदी गिरकर 13.53 रुपये पर चल रहा था। क्रूड महंगा होने से एयरलाइंस कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ जाती है, क्योंकि विमान में इस्तेमाल होने वाला एटीएफ (Fuel) महंगा हो जाता है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर भी गिरे

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखा। IOC का शेयर 1.8 फीसदी गिरकर 141 रुपये पर चल रहा था। HPCL का शेयर 1.90 फीसदी गिरकर 373.35 रुपये पर चल रहा था। BPCL का शेयर 1.23 फीसदी गिरकर 300 रुपये पर चल रहा था। ONGC के शेयरों में भी गिरावट दिखी। यह 1 फीसदी गिरकर 293 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, क्रूड महंगा होने से ओएनजीसी जैसी तेल उत्पादक कंपनियों को फायदा होता है। लेकिन, तेल मार्केटिंग कंपनियों को नुकसान होता है।

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30 अप्रैल को शेयर बाजारों में जबर्दस्त रिकवरी

30 अप्रैल को शेयर बाजारों में गिरावट दिखी। हालांकि, बाजार के प्रमुख सूचकांकों में काफी रिकवरी दिखी। सेंसेक्स एक समय 1200 अंक तक गिर गया था। दोपहर बाद यह 360 फीसदी नीचे चल रहा था। निफ्टी 143 अंक गिरकर 24,033 अंक पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी रिकवरी देखने को मिली।

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