Crude Sensitive Stocks: कच्चे तेल की चाल से जुड़ी कंपनियों के शेयर आज बुधवार 8 अप्रैल को 11% तक उछल पड़े। यह तेजी इसलिए आई क्योंकि कच्चे तेल के वैश्विक भाव में तेज गिरावट आई। कच्चे तेल के भाव में यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ है। ऐसे में निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा और कच्चे तेल की फिसलन ने एविएशन, ऑयल मार्केटिंग, पेंट और टायर स्टॉक्स में जोश भर दिया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी करीब 4% तक उछल पड़े और सेंसेक्स के तो सभी शेयर शुरुआती कारोबार में ग्रीन रहे। सेंसेक्स2900 से अधिक प्वाइंट्स उछलकर 77600 के पार तो निफ्टी 50 भी 890 प्वाइंट्स चढ़कर 24 हजार के पार चला गया।
कच्चे तेल की कमजोरी से किन शेयरों में आज जोरदार तेजी?
इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के शेयरों में आज कच्चे तेल की कमजोर के चलते 11% की जोरदार तेजी आई क्योंकि विमान कंपनियों के लिए ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) लागत का अहम हिस्सा है। कच्चे तेल की नरमी से हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) के शेयर 8% से अधिक तो इंडियन ऑयल के शेयर (Indian Oil) करीब 6% और भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) के शेयर भी 7% से अधिक उछल पड़े। तेल बेचने वाली इन कंपनियों के शेयर इसलिए उछले क्योंकि कच्चे तेल की नरमी से इनके मार्जिन में सुधार होगा।
पेंट कंपनियों के शेयरों की भी आज चमक बढ़ी है क्योंकि लागत का दबाव हल्का होने की उम्मीद बढ़ी है। एशियन पेंट्स (Asian Paints) के शेयर करीब 5% उछल पड़े तो बर्जर पेंट्स (Berger Paints) और कंसाई नेरोलैक (Kansai Nerolac) के शेयर भी 2.5-5% चढ़ गए। कच्चा तेल नीचे आता है तो इनके मार्जिन में सुधार की गुंजाइश बढ़ जाती है। इसके अलावा टायर स्टॉक्स भी आज उछल पड़े। इनकी लागत का एक बड़ा हिस्सा कच्चा तेल है और यह नीचे आया तो अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) का शेयर 5% से अधिक तो जेके टायर (JK Tyre) 6% से अधिक और सीट (CEAT) 4% से अधिक उछल पड़ा।
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान और इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलने की उम्मीदों ने कच्चे तेल को तोड़ दिया और यह 12-14% टूट गया। ब्रेंट क्रूड को प्रति बैरल $100 के नीचे आ गया। कच्चे तेल की नरमी भारत के लिए काफी पॉजिटिव है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने की रफ्तार को थामने, चालू खाते के घाटे पर दबाव हल्का करने और तेल पर बड़े पैमाने पर निर्भर सेक्टर्स की प्रॉफिटेबिलिटी को सुधारने में मदद मिलती है। इसी वजह से कच्चा तेल फिसला तो लागत कम होने, मार्जिन में सुधार और मजबूत कमाई की संभावनाओं पर इनसे जुड़े स्टॉक्स उछल पड़े।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।