Iran US Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो हफ्तों के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा के बाद, नए सीजफायर समझौते के तहत ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से लगभग 20 लाख डॉलर (करीब 16-17 करोड़ रुपये) शुल्क वसूलने की बात कही है। रॉयटर्स के अनुसार, यह ईरान की सेना के तालमेल से संचालित एक "नियंत्रित यात्रा" प्रणाली होगी।
ईरान की संसद ने मंगलवार को एक ड्राफ्ट बिल पारित कर इस टोल (शुल्क) को औपचारिक रूप देने का प्रावधान किया है। AP की रिपोर्ट के अनुसार, यह राजस्व अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद देश के पुनर्निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा।
विनाशकारी हमले शुरू करने की समय सीमा से एक घंटा पहले, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत होता है, तो मैं दो हफ्ते के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने के लिए तैयार हूं।"
उन्होंने इस फैसले को "दो तरफा युद्धविराम" करार दिया, क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने सार्वजनिक रूप से उनसे समय सीमा को दो हफ्ते बढ़ाने का अनुरोध किया था, साथ ही ईरान से चल रहे युद्ध के कारण बंद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का आग्रह किया था।
पहला अल्टीमेटम पांच दिनों के लिए था, लेकिन उन्होंने पिछले महीने के अंत में इसे 10 दिनों के लिए और बढ़ा दिया। यह दूसरी समय सीमा सोमवार को समाप्त होने वाली थी, लेकिन डोनाल्ट ट्रंप ने फिर से इसे आगे बढ़ा दिया। इस प्रकार, ट्रंप का शुरुआती 48 घंटे का अल्टीमेटम अब 408 घंटे तक बढ़ गया है।
ईरान ने अपने 10 सूत्री प्रस्ताव में क्या कहा?
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि उसने पाकिस्तान के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका को अपना 10 सूत्री प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिसमें कहा गया है कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से हो और इसमें ईरानी सेना की भूमिका रहे, साथ ही ईरान और उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ चल रहा युद्ध खत्म किया जाए और अमेरिका अपनी सेना को क्षेत्र के सभी सैन्य ठिकानों से वापस बुलाए।
ईरान ने नुकसान की पूरी भरपाई, सभी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान की सभी अवरुद्ध संपत्तियों को जारी करने की भी मांग की। परिषद ने एक बयान में कहा, "यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस प्रस्ताव की मंजूरी से ये सभी समझौते बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय कानून बन जाएंगे और ईरानी राष्ट्र के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत होगी।"
हालांकि, ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का मतलब युद्ध की समाप्ति नहीं है, और कहा, "ईरान युद्ध की समाप्ति तभी स्वीकार करेगा जब बातचीत में सभी शर्ते अंतिम रूप से तय हो जाएंगे और 10 बिंदुओं वाली योजना में निर्धारित सिद्धांतों को स्वीकार कर लिया जाएगा।"