US-Iran Ceasefire: 'सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है'; इजरायल ने ट्रंप के फैसले का किया समर्थन, लेकिन नेतन्याहू के बयान से युद्धविराम पर सवाल

US-Iran Ceasefire: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल, ईरान के साथ अमेरिका के युद्धविराम का समर्थन करता है। लेकिन इस समझौते में लेबनान में हिज्बुल्ला के खिलाफ लड़ाई शामिल नहीं है। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल ईरान के खिलाफ दो सप्ताह तक हमले रोकने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करता है

अपडेटेड Apr 08, 2026 पर 10:08 AM
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US-Iran Ceasefire: इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान-अमेरिका सीजफायर का सपोर्ट किया है

US-Iran Ceasefire: इजरायल ने बुधवार (8 अप्रैल) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने सीजफायर के तहत ईरान पर दो हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान लिया है। यह फैसला इस शर्त पर आधारित है कि तेहरान होर्मुज को फिर से खोल दे और इस क्षेत्र में हमले बंद कर दे। लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है।

नेतन्याहू के कार्यालय ने साफ तौर पर कहा है कि ये सीजफायर का समझौता लेबनान के मोर्चे पर लागू नहीं होगा। पीएम ने कहा कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली सेना का अभियान पहले की तरह जारी रहेगा। इजरायली पीएम के बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के समझौते को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

नेतन्याहू ने सीजफायर पर कहा, "इजरायल, राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले का सपोर्ट करता है जिसमें ईरान के खिलाफ दो सप्ताह के लिए हमले रोकने का फैसला किया गया है। बशर्ते ईरान तुरंत स्ट्रेट्स खोल दे। US, इजरायल और इलाके के देशों पर सभी हमले रोक दे। इजरायल-अमेरिका की इस कोशिश का भी सपोर्ट करता है कि ईरान अब अमेरिका, इजरायल, ईरान के अरब पड़ोसियों और दुनिया के लिए न्यूक्लियर, मिसाइल और टेरर का खतरा न बने।"


इजरायली पीएम ने आगे कहा, "यूनाइटेड स्टेट्स ने इजराइल से कहा है कि वह आने वाली बातचीत में US, इजरायल और इजरायल के इलाके के साथियों के साथ इन लक्ष्यों को पाने के लिए कमिटेड है। दो हफ्ते के सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है।" नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल भी यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रयासों का समर्थन करता है कि ईरान अब परमाणु या मिसाइल का खतरा न बने।

बयान में आगे कहा गया, "इजरायल, अमेरिका के उन प्रयासों का भी समर्थन करता है जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अब अमेरिका, इजरायल, ईरान के अरब पड़ोसी देशों और पूरी दुनिया के लिए परमाणु, मिसाइल और आतंकवाद से जुड़ा कोई खतरा न बने।"

दो हफ्ते तक सीजफायर का ऐलान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की निर्धारित की हुई समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है। ट्रंप नेट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की। दूसरी ओर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ईरानी सभ्यता को खत्म करने की ट्रंप की धमकी को लेकर उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बातचीत कर अनुरोध किया कि मैं आज रात ईरान के खिलाफ होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दूं लेकिन इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो।"

ट्रंप ने कहा, "मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने पर सहमत हूं।" उन्होंने कहा कि यह दोनों पक्षों का संघर्षविराम होगा। तेहरान में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने दो सप्ताह के संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है। वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा।

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इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया। ताकि सभी विवादों के समाधान के लिए आगे बातचीत की जा सके।

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