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क्रिप्टोकरेंसी कुछ और नहीं सिर्फ जुआ है, इस पर लगना चाहिए पूर्ण प्रतिबंध: आरबीआई गवर्नर

शक्तिकांत दास ने कहा कि हमारे देश में जुए के लिए अनुमति नहीं है। अगर आप इस जुए की अनुमति देना चाहते हैं तो इसे जुआ ही मानें और जुए के नियम निर्धारित करें। लेकिन क्रिप्टो एक फाइनेंशियल प्रोडक्ट नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 14, 2023 पर 12:49 PM
क्रिप्टोकरेंसी कुछ और नहीं सिर्फ जुआ है, इस पर लगना चाहिए पूर्ण प्रतिबंध: आरबीआई गवर्नर
क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल या वर्चुअल करेंसी है। इस मुद्रा को क्रिप्टोग्राफ़ी के जरिए सुरक्षा दी जाती है। इस मुद्रा के जरिए ऑनलाइन लेनदेन ही हो सकता है

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के अपने आह्वान को दोहराते हुए कहा "क्रिप्टोकरेंसी जुए के अलावा कुछ नहीं" हैं और इसका कथित "वैल्यू कुछ भी नहीं बल्कि झूठा विश्वास या छलावा है।" बताते चलें कि हाल ही में दूसरे केंद्रीय बैंकों पर बढ़त हासिल करने के लिए आरबीआई ने डिजिटल करेंसी यानी ई-रुपये का सिस्टम डेवलप किया है। यह एक डिजिटल मुद्रा है जो रुपये की तरह ही लीगल है। इसे धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किए जाने की योजना है।

क्रिप्टो पर पूर्ण प्रतिबंध की जरूरत

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को बिजनेस टुडे के एक प्रोग्राम में बोलते हुए क्रिप्टो पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपनी मांग तो फिर से दोहराते हुए कहा कि किसी भी एसेट या फाइनेंशियल प्रोडक्ट के सपोर्ट लिए उसका एक अंतर्निहित मूल्य (underlyingvalue)होता है। लेकिन क्रिप्टो में कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है और यहां तक कि एक ‘ट्यूलिप’भी नहीं है। बताते चलें कि 20वीं शताब्दी की शुरुआत में करेंसी के तौर पर यूरोप ट्यूलिप (एक फूल) की मांग बढ़ी थी। इसे पाने के लिए लोग हर तरह की ​जुगत लगाया करते थे।

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