रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के अपने आह्वान को दोहराते हुए कहा "क्रिप्टोकरेंसी जुए के अलावा कुछ नहीं" हैं और इसका कथित "वैल्यू कुछ भी नहीं बल्कि झूठा विश्वास या छलावा है।" बताते चलें कि हाल ही में दूसरे केंद्रीय बैंकों पर बढ़त हासिल करने के लिए आरबीआई ने डिजिटल करेंसी यानी ई-रुपये का सिस्टम डेवलप किया है। यह एक डिजिटल मुद्रा है जो रुपये की तरह ही लीगल है। इसे धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किए जाने की योजना है।
