बाजार खुलते ही क्रैश हुआ इस कंपनी का शेयर! 13% तक टूटा, Q2 नतीजों ने निवेशकों को किया निराश
कमिंस इंडिया (Cummins India) के Q2 FY27 नतीजे रेवेन्यू से लेकर मुनाफे तक हर मोर्चे पर अनुमान से पीछे रहे। मार्जिन पर कमोडिटी लागत, फ्रेट खर्च और प्रोडक्ट मिक्स का दबाव दिखा। जानिए नतीजों की पूरी तस्वीर और शेयर पर इसका असर।
कमजोर Q2 नतीजों के बाद कमिंस इंडिया (Cummins India) का शेयर गुरुवार को 10% तक टूटा।
कमिंस इंडिया (Cummins India) के शेयर में गुरुवार, 5 नवंबर को बाजार खुलते ही 13% से ज्यादा की तेज गिरावट आई। वजह बने कंपनी के सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे, जिनमें रेवेन्यू और मुनाफा, दोनों एनालिस्ट्स के अनुमान से काफी पीछे रह गए। सबसे बड़ा झटका मार्जिन पर लगा है और अब बाजार की निगाहें कंपनी की अर्निंग्स कॉल पर टिकी हैं।
रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन उम्मीद तक नहीं पहुंचा
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस सालाना आधार पर 4.1% बढ़कर ₹3,301 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में ये आंकड़ा ₹3,171 करोड़ था। बिक्री ऊपर तो गई, पर बाजार इससे कहीं बड़े नंबर का इंतजार कर रहा था।
एनालिस्ट पोल में रेवेन्यू ₹3,536.5 करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया था। असली आंकड़ा इस अनुमान से 6.66% कम निकला। यानी नतीजों की शुरुआत ही उम्मीद से पीछे रहकर हुई।
EBITDA और मार्जिन पर सबसे गहरी चोट
असली दबाव ऑपरेटिंग लेवल पर दिखा। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 27.13% घटकर ₹507 करोड़ पर आ गया, जो एक साल पहले ₹695.75 करोड़ था। अनुमान ₹690 करोड़ का था, इसलिए EBITDA उम्मीद से 26.52% कम रहा।
मार्जिन का हाल इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला रहा। EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 21.94% से गिरकर 15.36% पर आ गया, यानी 658 बेसिस प्वाइंट की गिरावट। इसे ऐसे समझिए, पिछले साल कंपनी हर ₹100 के रेवेन्यू पर ₹21.94 का EBITDA बना रही थी, इस बार ये घटकर ₹15.36 रह गया। अनुमान 19.51% मार्जिन का था और असली मार्जिन इससे 415 बेसिस प्वाइंट नीचे रहा।
मुनाफा 26.69% फिसलकर ₹467 करोड़ पर
मार्जिन की कमजोरी सीधे मुनाफे तक पहुंची। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 26.69% घटकर ₹467 करोड़ रह गया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹637 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
एनालिस्ट पोल में मुनाफे का अनुमान ₹625.5 करोड़ का था। असली मुनाफा इससे 25.34% कम रहा। रेवेन्यू ऊपर और मुनाफा नीचे, नतीजों की यही उल्टी चाल शेयर पर भारी पड़ी।
घरेलू और एक्सपोर्ट, दोनों में मामूली बढ़त
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी तस्वीर बहुत दमदार नहीं रही। कमिंस इंडिया की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर ₹2,692 करोड़ रही। एक्सपोर्ट बिक्री 2% बढ़कर ₹555 करोड़ पर पहुंची।
दोनों आंकड़े बढ़त तो दिखा रहे हैं, लेकिन ये बढ़त छोटी है। देश के अंदर और बाहर, दोनों बाजारों में कंपनी की ग्रोथ इस तिमाही मामूली ही रही।
मार्जिन क्यों दबा, कंपनी ने बताई वजह
कंपनी ने कहा कि Q2 FY27 में उसके मार्जिन पर कमोडिटी कॉस्ट इन्फ्लेशन का असर पड़ा। मतलब प्रोडक्ट बनाने में लगने वाली कमोडिटी महंगी हुई, जिससे लागत बढ़ गई।
मैनेजमेंट ने दो और वजहें गिनाईं। पहली, माल ढुलाई यानी फ्रेट का खर्च बढ़ना। दूसरी, प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव, यानी कुल बिक्री में अलग-अलग प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बदलना। मैनेजमेंट के मुताबिक इन दोनों ने मिलकर तिमाही के दौरान मार्जिन पर दबाव डाला।
एक दिन पहले थी तेजी, अब अर्निंग्स कॉल पर नजर
नतीजों से ठीक पहले शेयर अच्छी चाल में था। बुधवार, 4 नवंबर को कमिंस इंडिया का शेयर 2.55% चढ़कर ₹4,749.30 पर बंद हुआ था। 2026 में अब तक ये शेयर 6% से ज्यादा चढ़ चुका है।
गुरुवार को नतीजे आते ही ये तस्वीर बदल गई और शेयर 10% तक टूट गया। मार्जिन में आई इस बड़ी गिरावट के बाद अब सबकी निगाहें कंपनी की अर्निंग्स कॉल पर टिकी हैं।
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