Daily Voice: InCred PMS के आदित्य सूद ने मनीकंट्रोल के साथ बाजार और इकोनॉमी की वर्तमान स्थिति और आगे की संभावनाओं पर लंबी बातचीत की। यहां हम आपके लिए इस बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं। बतातें चलें कि आदित्य सूद InCred PMS में हेड पोर्टफोलियो और फंड मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। इनको इक्विटी मार्केट का 17 साल से ज्यादा का अनुभव है। मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि InCred PMS का मानना है कि मार्केट P/E मल्टीप्ल में सीमित विस्तार की संभावना के बीच अर्निंग ग्रोथ के मुताबिक ही मूव करेगा। तमाम सेक्टर के वैल्यूएशन में डाइवर्जेंस (विचलन) देखने को मिल रहा है। जो बॉटम अप स्टॉक पिकिंग के अच्छे मौके दे सकता है।
जुलाई 2023 तक 5.18 फीसदी तक पहुंच सकती है यूएस फेड की दर
नवंबर की पॉलिसी मीटिंग के बाद आदित्य सूद का कहना है कि इस समय यील्ड कर्व इंनवर्टेड नजर आ रहा है जिससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि यूएस फेड अभी दो चरणों में अपनी नीति दरों में 50 बेसिस प्वाइंट और 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़त करेगा। दो चरणों में होने वाली यह कुल बढ़त 75 बेसिस प्वाइंट की होगी। ब्याज दरों के 5 फीसदी पर पहुंचने के बाद यूएस फेड विराम लेता नजर आएगा। उनका यह भी मानना है कि जुलाई 2023 तक यूएस फेड की दरें 5.18 फीसदी तक पहुंच सकती हैं।
चीन की जीरो कोविड पॉलिसी ने भारत के लिए फायदेमंद
आदित्य सूद ने आगे कहा कि चीन की जीरो कोविड पॉलिसी ने भारत के लिए ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनकर उभरने का अच्छा मौका दिया है। जियोपॉलिटिकल स्टेबिलिटी के नजरिए से देखें तो भारत दुनिया के तमाम देशों की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में है। पीएलआई जैसे स्कीमों और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर सरकार के फोकस से आगे भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।
ऑटो सेक्टर में तेजी की उम्मीद
ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए आदित्य सूद ने कहा कि इस सेक्टर को BSIV से BSVI की तरफ होने वाले बदवाल, एनबीएफसी संकट, कोविड महामारी, चिप शॉर्टेज जैसी चुनौतियां का सामना करना पड़ा। इस सेक्टर में अब भारी मात्रा में पेटअप डिमांड देखने को मिल रही है। चिप शॉर्टेज के मोर्चे पर मिली राहत और नए लॉन्च के चलते आगे हमें पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अच्छी रिकवरी दिखने की संभावना है। देश की मेक्रो स्थिति में सुधार के साथ ही आगे कमर्शियल व्हीकल की मांग में जान आने की संभावना है। वहीं टू-व्हीलर सेगमेंट की बात करें तो अगर हमें ग्रामीण डिमांड में तेजी आती दिखती है तो फिर टू-व्हीलर सेगमेंट के वॉल्यूम में भी धीरे-धीरे रिकवरी आएगी। कमोडिटी खासकर स्टील और एल्यूमीनियम की कीमतों में नरमी के साथ ही ऑटो सेक्टर के मार्जिन में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी को मिलेगा देश की बढ़ती समृद्धि का फायदा
इसके अलावा आदित्य सूरी कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी भी पॉजिटीव रवैया रखते हैं। उनका कहना है कि देश में प्रति व्यक्ति आय की बढ़ोतरी के साथ कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी में ग्रोथ की बड़ी संभावना नजर आ रही है।
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