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Daily Voice| FY2023 के बाकी महीनों में बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा: CapGrow Capital के अरुण मल्होत्रा

मल्होत्रा ने कहा कि पिछला दशक बैंकिंग सेक्टर खासकर सरकारी बैंकों के लिए अच्छा नहीं था। बढ़ते एनपीए, लोअर क्रेडिट ग्रोथ और हाई क्रेडिट कॉस्ट्स से बैंकिंग सेक्टर बेहाल था। कोरोना की महामारी के बाद आर्थिक गितिविधियां फिर से बढ़ने लगी हैं। लोगों ने खर्च करना शुरू कर दिया है। इसका असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 25, 2022 पर 5:27 PM
Daily Voice| FY2023 के बाकी महीनों में बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा: CapGrow Capital के अरुण मल्होत्रा
मल्होत्रा ने कहा कि मीडियम टर्म में इंडिया के लिए ऑउटलुक अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई देता है। इकोनॉमी में स्ट्रक्चरल बदलाव के नतीजे दिख रहे हैं।

मीडियम टर्म में इंडिया के लिए अच्छी संभावना दिख रही है। इकोनॉमी में स्ट्रक्चरल चेंज का फायदा मिलना शुरू हो गया है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को PLI स्कीम और चाइना प्लस वन (China Plus one) फैक्टर का लाभ मिल रहा है। इससे पूंजीगत खर्च बढ़ा है। प्राइवेट सेक्टर में भी इनवेस्टमेंट सायकिल शुरू हुआ है। यह कहना है CapGrow Capital Adivsors के अरुण मल्होत्रा का। उन्हें इंडियन कैपिटल मार्केट का 28 साल से ज्यादा का अनुभव है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार और निवेश के बारे में खुलकर चर्च की। उन्होंने कहा कि इस फाइनेंशियल ईयर के बाकी पीरियड में बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा। इसकी वजह यह है कि लंबे समय बाद बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) की सेहत अच्छी दिख रही है। बैंकों का एनपीए (NPA) घट रहा है। उनकी बैलेंशीट में इम्प्रूवमेंट है। क्रेडिट डिमांट की तस्वीर बेहतर दिख रही है।

विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो में फाइनेंशियल सर्विसेज की हिस्सेदारी बढ़ी

मल्होत्रा ने कहा कि पिछला दशक बैंकिंग सेक्टर खासकर सरकारी बैंकों के लिए अच्छा नहीं था। बढ़ते एनपीए, लोअर क्रेडिट ग्रोथ और हाई क्रेडिट कॉस्ट्स से बैंकिंग सेक्टर बेहाल था। कोरोना की महामारी के बाद आर्थिक गितिविधियां फिर से बढ़ने लगी हैं। लोगों ने खर्च करना शुरू कर दिया है। इसका असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ रहा है। इस वित्त वर्ष के बाकी महीनों में यह सेक्टर बहुत अच्छा परफॉर्म करेगा। इस वित्त वर्ष में एनपीए में इम्प्रूवमेंट जारी रहेगा। फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर के पोर्टफोलियो में फाइनेंशियल सर्विसेज की हिस्सेदारी 32.28 फीसदी पहुंच गई है। यह पिछले 18 महीने में सबसे ज्यादा है। FPI के लिए फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा वेटेज वाला सेक्टर है। कुछ प्राइवेट और सरकारी बैंकों को लेकर हमारा नजरियां पॉजिटिव है।

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