मीडियम टर्म में इंडिया के लिए अच्छी संभावना दिख रही है। इकोनॉमी में स्ट्रक्चरल चेंज का फायदा मिलना शुरू हो गया है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को PLI स्कीम और चाइना प्लस वन (China Plus one) फैक्टर का लाभ मिल रहा है। इससे पूंजीगत खर्च बढ़ा है। प्राइवेट सेक्टर में भी इनवेस्टमेंट सायकिल शुरू हुआ है। यह कहना है CapGrow Capital Adivsors के अरुण मल्होत्रा का। उन्हें इंडियन कैपिटल मार्केट का 28 साल से ज्यादा का अनुभव है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार और निवेश के बारे में खुलकर चर्च की। उन्होंने कहा कि इस फाइनेंशियल ईयर के बाकी पीरियड में बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा। इसकी वजह यह है कि लंबे समय बाद बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) की सेहत अच्छी दिख रही है। बैंकों का एनपीए (NPA) घट रहा है। उनकी बैलेंशीट में इम्प्रूवमेंट है। क्रेडिट डिमांट की तस्वीर बेहतर दिख रही है।
