अब पहली तिमाही के नतीजों में निर्भर करेगी बाजार की चाल, केमिकल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में होगी कमाई

राघवेंद्र नाथ ने कहा कि शॉर्ट टर्म में आईटी सेक्टर पर दबाव देखने को मिलेगा। ऐसे में अगर आईटी शेयरों में वर्तमान स्तरों से 20-25 फीसदी की गिरावट आती है तो आईटी शेयरों में खरीदारी के मौके होंगे। राघवेंद्र को निजी क्षेत्र के बैंकों के अलावा बड़े पीएसयू बैंकों से भी काफी उम्मीद है।

अपडेटेड Jul 04, 2023 पर 7:39 PM
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रूस-यूक्रेन की मौजूदा स्थिति के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत ने यूरोपीय केमिकल इंडस्ट्र कमर तोड़ रही है। ये भी भारतीय केमिकल इंडस्ट्री के लिए एक पॉजिटिव फैक्टर है

Daily Voice: बाजार की हालिया रैली में कंपनियों के अर्निंग में आई मजबूत ग्रोथ और तमाम दूसरे पॉजिटिव फैक्टर्स का अहम योगदान है। निफ्टी वर्तमान में अपने लॉन्ग टर्म औसत से 10 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में बाजार में ये तेजी टिकेगी या नहीं ये इस बात पर निर्भर करेगा कि अगामी नतीजों का मौसम कैसा रहेगा। ये बातें लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट (Ladderup Wealth Management) के प्रबंध निदेशक राघवेंद्र नाथ ने मनीकंट्रोल को दिए गए एक साक्षात्कार में कही हैं।

फाइनेंशियल मार्केट का 27 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राघवेंद्र का कहना है वे लंबी अवधि से ऑटो सेक्टर को लेकर बुलिश हैं।पिछले महीने ऑटो इंडेक्स ने ब्लॉकबस्टर ग्रोथ दिया है। आगे ऑटो सेक्टर निवेशकों के पोर्टफोलियो में अहम योगदान देता नजर आएगा।

केमिकल सेक्टर पर बात करते हुए राघवेंद्र ने कहा कि पिछले सालों के दौरान भारतीय केमिकल सेक्टर ग्लोबल मार्केट में एक अहम खिलाड़ी के रूप में उभरा है। भारतीय केमिकल कंपनियां फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, कागज, कृषि रसायन, साबुन और पेंट जैसे उद्योगों को जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति करती हैं। 2040 तक भारतीय केमिकल सेक्टर का करोबार 1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ये वर्तमान में 220 अरब डॉलर है। आगे इस सेक्टर में मजबूत ग्रोथ और रिटर्न की संभावना है।


स्पेशियलिटी केमिकल में दिखेगी जोरदार तेजी

उम्मीद है कि घरेलू और ग्लोबल दोनों बाजारों से आ रही अच्छी मांग के कारण स्पेशियलिटी केमिकल में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियां वर्तमान में अपने लाइफ टाइम हाई कैपेक्स लेवल पर हैं। पिछले दो-तीन सालों के दौरान केमिकल कंपनियों की कमाई में मजबूत बढ़त देखने को मिली है।

ग्लोबल केमिकल मार्केट में भारत चीन का विकल्प बन कर उभर रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि मध्यम अवधि में केमिकल सेक्टर में मांग में मजबूती देखने को मिलेगी। रूस-यूक्रेन की मौजूदा स्थिति के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत ने यूरोपीय केमिकल इंडस्ट्र कमर तोड़ रही है। ये भी भारतीय केमिकल इंडस्ट्री के लिए एक पॉजिटिव फैक्टर है।

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बैंकिंग सेक्टर को लेकर पॉजिटिव

राघवेंद्र नाथ ने इस बातचीत में आगे कहा कि वे बैंकिंग सेक्टर को लेकर पॉजिटिव हैं। बिग गेटिंग बिगर की अवधारणा बड़े भारतीय बैंकों के लिए काफी अच्छी तरह से काम कर रही है। आगे बैंकिंग सेक्टर में व्यापक संभावनाएं हैं। राघवेंद्र को निजी क्षेत्र के बैंकों के अलावा बड़े पीएसयू बैंकों से भी काफी उम्मीद है।

ऑटो सेक्टर और आईटी में भी होगी कमाई

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए राघवेंद्र नाथ ने कहा कि शॉर्ट टर्म में आईटी सेक्टर पर दबाव देखने को मिलेगा। ऐसे में अगर आईटी शेयरों में वर्तमान स्तरों से 20-25 फीसदी की गिरावट आती है तो आईटी शेयरों में खरीदारी के मौके होंगे। राघवेंद्र नाथ ऑटो सेक्टर को लेकर भी बुलिश हैं।

 

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