निफ्टी के ईपीएस (अर्निंग प्रति शेयर) में वित्त वर्ष 2024 में 12 फीसदी की हेल्दी ग्रोथ की उम्मीद है। ऐसे में हमें बाजार में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं दिखती। इसके साथ ही अर्निंग में ग्रोथ के लिए किसी बड़े ड्राइवर के अभाव के चलते बाजार में बढ़त भी सीमित ही रहेगी। ऐसे में निफ्टी इस वित्त वर्ष में एक दायरे में ही घूमता दिखेगा। ये बातें एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HDFC Securities) के इंस्टीट्यूशनल रिसर्च के हेड वरुण लोहचब (Varun Lohchab) ने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में कही हैं। बता दें कि वरुण लोहचब को भारतीय इक्विटी मार्केट का करीब 18 सालों का अनुभव है। इन्होंने फिडेलिटी, फ्रैंकलिन टेम्पलटन और जेफ़रीज़ के साथ काम किया है।
सीमेंट कंपनियों के नतीजे रहेंगे मजबूत
वरुण का मानना है कि चौथी तिमाही में सीमेंट कंपनियों के नतीजे और इनके मैनेजमेंट की टिप्पणी मजबूत रहेगी। उत्पादन लागत में गिरावट और बिक्री में बढ़त के चलते चौथी तिमाही में सीमेंट कंपनियों के मार्जिन में बढ़त देखने को मिलेगी। इन कंपनियों को डिमांड में रिकवरी का भी फायदा मिलेगा। उन्होंने ये भी कहा कि वित वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के नतीजे दूसरी और तीसरी तिमाही के नतीजों की तरह ही रहेंगे।
बैंकिंग और कमोडिटी की खपत वाले सेक्टर में भी रहेगी मजबूती
इस अवधि में बैंकिंग सेक्टर के नतीजे सबसे बेहतर स्थिति में रह सकते हैं। चौथी तिमाही में एसेट क्वालिटी बैंकों के लिए कोई बड़ी चिंता का विषय नहीं रहेगी। इसके अलावा मांग में मजबूती और कमोडिटी की कीमतों में गिरावट के चलते कमोडिटी की खपत वाले सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर नजर आएगा। कंज्यूमर स्टेपल्स और सीमेंट ऐसे ही सेक्टर हैं।
नतीजों के बाद TCS पर क्या है आपकी राय?
इस सवाल का जवाब देते हुए वरुण ने कहा कि उत्तरी अमेरिका में BFSI सेगमेंट के कारोबार में कमजोरी के चलते टीसीएस के नतीजे चौथी तिमाही में कमजोर रहे हैं। डिलिवरी कास्ट से संबंधित चिंताओं और मैक्रो स्थितियों में अनिश्चितता के कारण ग्रोथ से जुड़ी चिंताएं अब वास्तविक रूप में उभरकर आ रही हैं। वरुण का मानना है कि वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में टियर वन आईटी कंपनियों में नतीजे कमजोर रहेंगे। वहीं मिड टियर आईटी कंपनियों के नतीजे तुलनात्मक रूप से बेहतर रह सकते हैं। वरुण को आईटी सेक्टर में इंफोसिसस, LTIMindtree, Persistent Systems और Sonata Software पसंद हैं।
वित्त वर्ष 2024 में कौन से सेक्टर करेंगे सबसे बेहतर प्रदर्शन?
इस सवाल का जबाव देत हुए वरुण ने कहा कि वर्तमान स्थतियों में हमें उन कंपनियों पर दांव लगाना चाहिए जिनको सरकार और निजी कंपनियों द्वारा विकास विस्तार योजनाओं पर किए जाने वाले खर्च से फायदा होने की संभावना है। ऐसे में 2024 के लिए कैपिटल गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, सीमेंट केमिकल और चुनिंदा फाइनेंशियल कंपनियां काफी बेहतर दांव साबित हो सकती हैं। इसके अलावा बड़े बैंकों पर भी नजर रहनी चाहिए। इनकी एसेट क्वालिटी और क्रेडिट ग्रोथ दोनों में मजबूती है। इसके साथ ही वरुण गैर जरूरी खपत वाली कंपनियों और आईटी को लेकर अंडरवेट हैं।
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