इस बातचीत में अरुण चुलानी ने बताया कि हाल ही में उन्होंवे फ्लेक्सिबल पैकेजिंग में अपनी पोजीशन फिर से बनाई है। इसने अब तक उनके लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। यह उनको लिए अल्फा रिटर्न के लिए एक ही पूल में दो बार डुबकी लागने का मामला है। अरुण ने बताया कि 2022 के दौरान उन्होंने इस सेक्टर को हैवीवेट से लाइटवेट में बदल दिया था। उस समय, तेल की उच्च कीमतों के कारण मार्जिन बढ़ने से सेक्टर को लाभ हुआ, महामारी के कारण पैकेज्ड सामानों की मांग में उछाल आया, पीपीई की मांग बढ़ी और कुछ कंपनियों के अधिग्रहण की खबरें आईं। अच्छे समय ने नई क्षमता के लिए प्रेरित किया। फिर अधिक क्षमता के कारण मार्जिन में गिरावट आई। इसका असर स्टॉक की कीमतों पर पड़ा। जिससे हर कोई इस सेक्टर से भागने लगा। हालांकि, फर्स्ट वाटर ने सेक्टर की ट्रैकिंग जारी रखी। इस साल की शुरुआत से स्थितियां फिर से सुधरीं। उसके बाद इस सेक्टर में फिर पोजीशन बढ़ाई गई।