Daily Voice: अमेरिकी फेड रिजर्व मई 2023 में ब्याज दर नहीं बढ़ाएगा बशर्ते...

Daily Voice:के रामकुमार ने कहा कि अमेरिका की इकोनॉमी को लेकर जारी अनिश्चितता, यूके और यूरो जोन की चुनौतियां और यूरोप की ऊंची महंगाई दर कुछ ऐसी चुनौतियां हैं जो कि आईटी सेक्टर के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। फार्मा सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय फार्मा और हेल्थकेयर में कोई सेक्टोरल कॉल लेने की सलाह नहीं होगी। इस सेक्टर की हर कंपनी का अपना अलग बिजनेस मॉडल और विशेषता है। फर्मा सेक्टर के पिछले 3-4 साल के विश्लेषण से यह बात साफ होती है

अपडेटेड Apr 19, 2023 पर 1:38 PM
अब तक ब्याज दरों में आई तेज बढ़ोतरी और बैंकिग सेक्टर की बैलेंस सीट पर इसके असर को देखते हुए लगता है कि सबसे बुरा दौर बीत चुका है। अब आगे हमें ब्याज दरों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नजर नहीं आ रही है

Daily Voice: मुमकिन है कि अमेरिकी फेड रिजर्व मई 2023 में ब्याज दर ना बढ़ाए। लेकिन ऐसा तभी होगा जब रोजगार दर और महंगाई की दर में गिरावट के संकेत मिलते रहे। ये कहना है रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के मुख्य निवेश अधिकारी के रामकुमार का। रामकुमार ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में बताया कि वह आईटी और फार्मा सेक्टर को लेकर सतर्क रहने का सुझाव देंगे। बैंकिंग और इनवेस्टमेंट में 29 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले के रामकुमार ने इस दौरान कई अहम जानकारियां दीं।

आईटी सेक्टर के लिए अभी मुश्किलें कायम

के रामकुमार ने कहा कि अमेरिका की इकोनॉमी को लेकर जारी अनिश्चितता, यूके और यूरो जोन की चुनौतियां और यूरोप की ऊंची महंगाई दर कुछ ऐसी चुनौतियां हैं जो कि आईटी सेक्टर के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। फार्मा सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय फार्मा और हेल्थकेयर में कोई सेक्टोरल कॉल लेने की सलाह नहीं होगी। इस सेक्टर की हर कंपनी का अपना अलग बिजनेस मॉडल और विशेषता है। फर्मा सेक्टर के पिछले 3-4 साल के विश्लेषण से यह बात साफ होती है। इसके अलावा यूएस एफडीए की जांच जैसी तमाम चुनौतियां इस सेक्टर की कंपनियों के लिए मुश्किलें पैदा करती रहती हैं।


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यूएस बैंकिंग सेक्टर से अभी आ सकती हैं कुछ निगेटिव खबरेें

क्या आपको यूएस बैंकिंग सेक्टर में अभी और मुश्किलें आने की संभावना नजर आ रही है? इस सवाल का जवाब देते हुए के रामकुमार ने कहा कि अब तक ब्याज दरों में आई तेज बढ़ोतरी और बैंकिग सेक्टर की बैलेंस सीट पर इसके असर को देखते हुए लगता है कि सबसे बुरा दौर बीत चुका है। अब आगे हमें ब्याज दरों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। ऐसे में बैंकिग सेक्टर को राहत मिल सकती है। हालांकि कमजोर बैंक अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। ऐसे में हमें अमेरिका से कुछ और नेगेटिव खबरें भी सुनने को मिल सकती हैं।

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