Daily Voice: बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में जोरदार तेजी की संभावना, तेल-गैस और लॉजिस्टिक्स से जुड़े शेयर भी दिखाएंगे दम

Daily Voice: देश में कैपेक्स साइकिल में आने वाली तेजी के साथ ही घरेलू खपत और इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों में जोरदार तेजी आएगी

अपडेटेड Nov 07, 2022 पर 8:54 PM
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सोनम श्रीवास्तव ने कहा कि अच्छे नतीजों और बेहतर संभावनाओं को देखते हुए बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज बाजार के फेवरेट हैं। त्योहारी सीजन में हमें खपत बढ़ती नजर आई है। इसके अलावा महंगाई का दबाव भी थोड़ा कम हुआ है

वित्त वर्ष 2023 की सितंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं। बैंकिंग और खपत से जुड़े शेयरों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। आईटी कंपनियों के मुनाफे और आय में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। यह बातें Wright Research की सोनम श्रीवास्तव ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि सितंबर तिमाही के नतीजों के मौसम के दौरान आई मैनेजमेंट की टिप्पणियां भी अगली तिमाहियों के लिए उम्मीदें जगाती नजर आई हैं। अधिकतर कंपनियों का अनुमान है कि आगे महंगाई का दबाव कम होता नजर आएगा। जिसके चलते कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा।

घरेलू खपत और इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों में जोरदार तेजी की उम्मीद

गौरतलब है कि सोनम श्रीवास्तव के क्वॉन्टिटेटिव रिसर्च और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का 9 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनका मानना है कि देश में कैपेक्स साइकिल में आने वाली तेजी के साथ ही घरेलू खपत और इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों में जोरदार तेजी आएगी। इसके अलावा उनको निवेश के नजरिए से लॉजिस्टिक्स और तेल और गैस सेक्टर से जुड़ी कंपनियां भी पसंद आ रही हैं।


घटता विदेशी मुद्रा भंडार और कमजोर रुपया चिंता का विषय

भारत के विदेशी मद्रा भंडार और डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये पर बात करते हुए सोनम श्रीवास्तव ने कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में साप्ताहिक आधार पर बढ़त देखने को मिली है। इसके साथ हाल के दिनों में रुपये में भी मजबूती आई है। लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो घटता विदेशी मुद्रा भंडार और कमजोर रुपया चिंता का विषय है। इसमें अगर अब तेल की बढ़ती कीमतों को भी जोड़ दें तो इकोनॉमी के लिए ये अच्छा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी ने डॉलर की तरफ भगदड़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। फिर भी दुनिया की दूसरी करेंसियों की तुलना में रुपये में कम गिरावट हुई है।

आरबीआई की तरफ से रुपये को सहारा देने की कोशिश के चलते विदेशी मुद्रा भंडार में भी कमी आई है। वित्त मंत्रालय ने हाल ही में देश की करेंसी की प्रतिस्पर्धा की क्षमता को बनाए रखने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। इस बातचीत में उन्होने आगे कहा कि करेंसी में इस तरह से आने वाली किसी गिरावट के बाद जब आर्थिक स्थितियां सुधरती है तो काफी बड़ा बाउंसबैक देखने को मिलता है। अगर यूएस फेड की कोशिश रंग लाती है और महंगाई कम होती है तो हमें यूएस डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार होता नजर आएगा।

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बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में कमाई के अच्छे मौके

बाजार में कहां नजर आ रहे हैं निवेश के मौके? इस सवाल का जवाब देते हुए सोनम श्रीवास्तव ने कहा कि अच्छे नतीजों और बेहतर संभावनाओं को देखते हुए बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज बाजार के फेवरेट हैं। त्योहारी सीजन में हमें खपत बढ़ती नजर आई है। इसके अलावा महंगाई का दबाव भी थोड़ा कम हुआ है। इसके अलावा आगे हमें ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी में अच्छी तेजी दिखने की उम्मीद है। इसके अलावा देश में कैपेक्स साइकिल में आने वाली तेजी के साथ ही घरेलू खपत और इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों में जोरदार तेजी आएगी। इसके अलावा उनको निवेश के नजरिए से लॉजिस्टिक्स और तेल और गैस सेक्टर से जुड़ी कंपनियां भी पसंद आ रही है।

 

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