Daily Voice: भारत में मंदी का कोई डर नहीं, वित्त वर्ष 2023 में 7% से ज्यादा रहेगी एनुअल ग्रोथ रेट

ग्रोथ में कुछ नरमी के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। लेबर मार्केट की स्थितियों में सुधार के साथ अब ग्लोबल मंदी की संभावना भी कम हो गई है। दुनिया भर में भारत एक चमकता सितारा बना हुआ है और हमें देश में किसी मंदी की आशंका नहीं नजर आ रही है

अपडेटेड Feb 11, 2023 पर 2:06 PM
Story continues below Advertisement
एंबिट एसेट मैनेजमेंट खपत वाले शेयरों को लेकर आशावादी है। लेकिन मांग में सुस्ती और इस सेक्टर के वैल्यूएशन के इसके लंबी अवधि के औसत से अधिक होने के कारण इस सेक्टर में आगे बहुत ज्यादा तेजी आने की संभावना नहीं है

एंबिट एसेट मैनेजमेंट (Ambit Asset Management) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुशांत भंसाली (Sushant Bhansali) का मानना है कि भारत एक चमकता सितारा बना हुआ है और भारत को ग्लोबल मंदी से कोई डर नहीं है। एसेट मैनेजमेंट और कैपिटल मार्केट का 19 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले सुशांत का मानना है कि सर्विस और एग्री सेक्टर में एक बार फिर से आई तेजी के चलते वित्त वर्ष 2023 में भारतीय इकोनॉमी की एनुअल ग्रोथ रेट 7 फीसदी से ज्यादा रहेगी। वित्त वर्ष 2024 में देश की GDP ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रहने की संभावना है।

खपत से जुड़े सेक्टर पर बात करते हुए पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट सुशांत भंसाली का कहना है कि एंबिट एसेट मैनेजमेंट खपत वाले शेयरों को लेकर आशावादी है। लेकिन मांग में सुस्ती और इस सेक्टर के वैल्यूएशन के इसके लंबी अवधि के औसत से अधिक होने के कारण इस सेक्टर में आगे बहुत ज्यादा तेजी आने की संभावना नहीं है।

60 से ज्यादा स्मॉलकैप शेयरों में दिखी 64% तक की बढ़त, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल


क्या भारत में मंदी को लेकर कोई डर है?

इस सवाल का जवाब देते हुए सुशांत भंसाली ने कहा कि ग्रोथ में कुछ नरमी के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। लेबर मार्केट की स्थितियों में सुधार के साथ अब ग्लोबल मंदी की संभावना भी कम हो गई है। दुनिया भर में भारत एक चमकता सितारा बना हुआ है और हमें देश में किसी मंदी की आशंका नहीं नजर आ रही है।

क्या आपको लगता है कि इस वित्त वर्ष में फेड और आरबीआई ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं?

हाल के दिनों में महंगाई ठंडी पड़ती नजर आई है। आरबीआई का अनुमान है कि FY24 में देश में महंगाी दर 5.3 फीसदी रह सकती है। वहीं, FY23 के लिए RBI महंगाई अनुमान 6.5 फीसदी है। हमारा मानना है कि केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों में नरमी लाने के पहले एक विराम लेगा। ऐसे में 2023 में दर में कटौती की बहुत कम संभावना है।

क्या आपको लगता है कि आईटी क्षेत्र का सबसे खराब दौर बीत चुका है और आईटी शेयरों में अब तेजी शुरू हो गई है?

इस सवाल पर सुशांत भंसाली ने कहा कि आईटी क्षेत्र की किस्मत ग्लोबल इकोनॉमी के आउटलुक और आईटी पर कॉर्पोरेट खर्च से निकटता से जुड़ी हुई है। हम देख रहे हैं कि वैश्विक मंदी का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में हम यह नहीं कह सकते कि यह क्षेत्र अब संकट से बाहर है। हालांकि, कुछ महीने पहले की तुलना में अब स्थिति काफी बेहतर है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।