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Daily Voice: 2023 की पहली छमाही रहेगी वोलेटाइल, दूसरी छमाही में बाजार में दिखेगी तेजी

ग्लोबल निवेशकों में ये विश्वास बना हुआ है कि भारत की ग्रोथ ग्लोबल ग्रोथ की तुलना में ज्यादा रहेगी। देश में घरेलू खपत और ग्रोथ में मजबूती है। भारतीय बाजार और इकोनॉमी का ग्लोबल एक्सपोजर काफी कम है। इसकी वजह से ग्लोबल मंदी से भारत काफी हद तक सुरक्षित रह सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2022 पर 2:40 PM
Daily Voice: 2023 की पहली छमाही रहेगी वोलेटाइल, दूसरी छमाही में बाजार में दिखेगी तेजी
अमेरिका में दशकों के लो पर चल रही बेरोजगारी की दर और वेतन में भारी बढ़त के चलते यूएस फेड के अधिकारियों को जल्दी अपनी मौद्रिक नीतियों में नरमी लाने का मौका नहीं मिलेगा

यूएस फेड (US Fed) और उसके डॉट चार्ट (dot chart) से पता चलता है कि 2023 के दौरान अमेरिका में ब्याज दरों में 50-75 बेसिस की और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अमेरिका में रिटेल महंगाई अभी भी 2 प्रतिशत के अपने लक्ष्य से काफी ऊपर है। ऐसे में यूएस फेड की महंगाई से लड़ाई अभी जल्द खतम होने वाली नहीं है। ये बातें एलजीटी वेल्थ इंडिया (LGT Wealth India) के राजेश चेरुवु (Rajesh Cheruvu) ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कही हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में दशकों के लो पर चल रही बेरोजगारी की दर और वेतन में भारी बढ़त के चलते यूएस फेड के अधिकारियों को जल्दी अपनी मौद्रिक नीतियों में नरमी लाने का मौका नहीं मिलेगा।

साल 2023 की पहली छमाही में बाजार रहेगा वोलेटाइल

बता दें कि राजेश चेरुवु को फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री का दो दशकों से ज्यादा का अनुभव है और ये एलजीटी वेल्थ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफीसर हैं। इनका मानना है कि साल 2023 की पहली छमाही में बाजार में वोलैटिलिटी देखने को मिलेगी। इस दौरान बाजार पर ग्लोबल ग्रोथ में मंदी की डर हावी रहेगा जिसके चलते बाजार वोलेटाइल रहेगा। वहीं, साल की दूसरी छमाही में बाजार में अच्छी तेजी की संभावना है। इस अवधि में ग्लोबल ग्रोथ में रिकवरी, घरेलू अर्निंग में रिकवरी और 2024 में मौद्रिक नीतियों में नरमी आने की उम्मीद बाजार में जोश भरेगी।

 ग्लोबल निवेशकों का भारत पर विश्वास कायम

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