Daily Voice : डीबीएस बैंक (DBS Bank) के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफीसर होउ वेई फूक (Hou Wey Fook) ने मनीकंट्रोल को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा है कि फेड आने वाले महीनों में मंदी के संकेत मिलने तक दरों को ऊंचे स्तरों पर बनाए रखेगा। एफओएमसी सदस्यों के रुख से संकेत मिलता है कि यूएस फेड 2023 के अंत से पहले दरों में अंतिम बढ़ोतरी कर सकता है। होउ वेई फूक का ये भी मानना है कि भारत में महंगाई की चिंता कैलेंडर वर्ष के बाकी हिस्सों में भी बनी रहेगी।
फंड मैनेजमेंट का 30 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले होउ वेई फूक का कहना है कि वे टक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन सर्विसेज से जुड़े स्टॉक्स को लोकर ओवरवेट हैं। इन सेक्टरों को ग्लोबल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का फायदा मिलेगा। ऐसे में दूसरे सेक्टरों की तुलना में इन सेक्टरों में ग्रोथ की काफी व्यापक संभावना है।
चाइना के बाजार पर अपनी राय देते हुए होउ वेई फूक ने कहा कि निवेशकों के विश्वास में गिरावट और इस साल अब तक इक्विटी बाजारों के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद, चीन के फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं। कुछ खास सेक्टर्स (जैसे प्रॉपर्टी, शैडो बैंकिंग) को छोड़कर, देश में आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत बनी हुई है। तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 4.9 फीसदी रही, जो 4.5 फीसदी के अनुमान से बेहतर रही है। देश की मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई दोनों सितंबर तक 50 से ऊपर रही हैं। महंगाई कम और स्थिर बनी हुई है। मौद्रिक नीति के नजरिए से देखें तो पीबीओसी (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) ने मई (2023) से एलपीआर (लोन प्राइम रेट) में कटौती की है। इसके चलते स्थितियां विकास के लिए अनुकूल हुई हैं। हालांकि, चीनी अर्थव्यवस्था में ग्रोथ के लिए नीतिगत प्रोत्साहन और इसके सफल कार्यान्वयन की जरूरत है। अगले साल से स्थितियों में सुधार दिखने की संभावना है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बाजार पर इसके असर की बात करते हुए होउ वेई फूक ने कहा कि ओपेक+ और सऊदी अरब द्वारा उत्पादन में कटौती और मध्य-पूर्व में चल रहे रहे संघर्ष के कारण हाल में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। हालांकि मध्य-पूर्व के संघर्ष के कारण आई तेजी का आधार भावनात्मक है। ऐसे में इसका असर थोड़े समय के लिए ही रहेगा। इस संघर्ष शामिल पक्षों में से कोई भी तेल का बड़ा उत्पादक नहीं हैं। अभी तक इस संघर्ष से तेल का आपूर्ति मार्ग भी बाधित नहीं हुआ है। अगर यह संघर्ष नियंत्रित रहता है तो तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रह सकती हैं, लेकिन 100 डॉलर पर जानें की संभावना नहीं है। हालांकि अगर ईरान और दूसरे देश भी इस संघर्ष में शामिल हो जातें हो तो स्थितियां बिगड़ सकती हैं। ईरान के संघर्ष में शामिल होने पर उसके तेल निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंध और सख्त हो जाएंगे।
क्या आपको फाइनेंशियल सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद है? इसके जवाब में होउ वेई फूक ने कहा कि ब्याज दरों के हाई लेवल पर बने रहने से कैलेंडर ईयर 2023 की चौथी तिमाही में फाइनेंशियल सेक्टर को फायदा होगा। यूएस फेड के लिए ब्याज दरों में बहुत ज्यादा बढ़त की गुंजाइश नहीं बची है। ऐसे में नेट इंटरेस्ट मार्जिन के पीक पर पहुंचने के बाद अब अगली कुछ तिमाहियों में इसमें गिरावट की संभावना दिख रही है। फाइनेंशियल सेक्टर की ग्रोथ अब ब्याज दरों के बजाय मैक्रो इकोनॉमिक स्थितियों पर ज्यादा निर्भर करेगी। अगर आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी रहती है तो फिर लोन ग्रोथ और फाइनेंशिल सर्विसेज की डिमांड में तेजी कायम रहेगी।
होउ वेई फूक ने इस बातचीत में ये भी बताया कि वे हेल्थ केयर सेक्टर को लेकर भी ओवरवेट हैं। देश में उम्रदराज़ लोगों की बढ़ती संख्या और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामले इस सेक्टर के लिए पॉजिटिव फैक्टर हैं। हेल्थकेयर सेक्टर में भी फार्मास्युटिकल और मेडटेक उपकरणों का कारोबार करने वाली कंपनियां होउ वेई फूक को ज्यादा पसंद हैं।
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