21 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान बाजार में कंसोलिडेशन देखा गया और यह मामूली बढ़त के साथ ही सही लेकिन लगातार तीसरे सप्ताह तेजी में बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़कर 77,210 पर और निफ्टी 50 0.15 प्रतिशत बढ़कर 23,501 पर पहुंच गया। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.4 प्रतिशत और 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लोकसभा चुनाव के नतीजों और तीसरी बार एनडीए सरकार के गठन के बाद अब बाजार की निगाहें जुलाई के आखिर में पेश होने वाले पूर्ण बजट 2024 पर हैं। हालांकि बाजार मानसून की धीमी प्रगति को लेकर चिंतित है। 24 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में बाजार सबसे पहले जीएसटी परिषद की 22 जून की बैठक में घोषित नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा।
वैश्विक स्तर पर सभी की निगाहें चालू कैलेंडर वर्ष 2024 की मार्च तिमाही के लिए 27 जून को जारी होने वाले अमेरिकी जीडीपी के अंतिम आंकड़ों पर होंगी। दूसरे अनुमान के अनुसार तिमाही के लिए अर्थव्यवस्था में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है।
अमेरिका में फेडरल रिजर्व की ओर से 27 जून (भारत मानक समय के अनुसार) को जारी होने वाले वार्षिक बैंक स्ट्रेस टेस्ट के परिणामों पर भी अगले सप्ताह मार्केट पार्टिसिपेंट्स की कड़ी नजर रहेगी। 100 अरब डॉलर या उससे अधिक की कुल संपत्ति वाले 32 बैंकों का स्ट्रेस टेस्ट एक सुपरवायजरी टूल है। इसका इस्तेमाल यह मापने के लिए किया जाता है कि बैंकों के पास घाटे को एब्जॉर्ब करने के लिए पर्याप्त पूंजी है या नहीं, ताकि वे गंभीर मंदी में भी हाउसहोल्ड और व्यवसायों को उधार दे सकें।
इसके अलावा अगले सप्ताह PCE प्राइस, Q1-CY24 में कंज्यूमर रियल स्पेंडिंग, साप्ताहिक नौकरियों के आंकड़ों, ड्यूरेबल गुड्स के ऑर्डर, अमेरिका में मई के व्यक्तिगत आय आंकड़ों और खर्च पर भी बाजार विशेषज्ञों की नजर रहेगी। इसके अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स यूरोप के इकोनॉमिक और सर्विसेज सेंटिमेंट डेटा; जापान के खुदरा बिक्री, बेरोजगारी दर और कंस्ट्रक्शन ऑर्डर्स की संख्या; और यूनाइटेड किंगडम के Q1 जीडीपी ग्रोथ आंकड़ों से भी संकेतों की तलाश करेंगे।
घरेलू मोर्चे पर, मई के लिए राजकोषीय घाटा और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट 28 जून को घोषित किया जाएगा। 14 जून को समाप्त 15 दिनों की अवधि के लिए बैंक ऋण और जमा वृद्धि, साथ ही 21 जून को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े भी उसी दिन जारी किए जाएंगे। मार्च 2024 को समाप्त तिमाही के लिए चालू खाता और एक्सटर्नल डेट पोजिशन अगले शुक्रवार को सामने आएगी।
इस बीच आने वाले सप्ताह में संस्थागत गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। गुजरे सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशक यानि FII एक और सप्ताह के लिए शुद्ध खरीदार बने रहे। FII ने 21 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान 9,103 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं, लेकिन वे चालू महीने के लिए शुद्ध विक्रेता बने रहे। उन्होंने 2,585 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानि DII ने सप्ताह के लिए 9,575 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। जून में अब तक DII की ओर से कुल खरीद 21,447 करोड़ रुपये रही।
24 जून से शुरू हो रहे कारोबारी सप्ताह में प्राइमरी मार्केट में काफी ज्यादा हलचल रहेगी। इसकी वजह है कि 10 नए IPO दस्तक देने वाले हैं। इनमें मेनबोर्ड सेगमेंट के 2 इश्यू हैं, जिनमें से एक 1,500 करोड़ रुपये का एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स का इश्यू है। वहीं दूसरा व्रज आयरन एंड स्टील का 171 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू है। इसके अलावा मेनबोर्ड सेगमेंट में स्टेनली लाइफस्टाइल का इश्यू 25 जून को क्लोज होगा। जहां तक लिस्टिंग की बात है तो अगले सप्ताह 11 कंपनियों के शेयर लिस्ट होने जा रहे हैं। इनमें मेनबोर्ड सेगमेंट में स्टेनली लाइफस्टाइल 28 जून को, डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स और एक्मे फिनट्रेड इंडिया का इश्यू 26 जून को लिस्ट होगा।
अगले सप्ताह के प्रमुख कॉरपोरेट एक्शंस इस तरह हैं...
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