Dalal Street Week Ahead: इस हफ्ते किधर जाएगा बाजार; चुनावी नतीजे, RBI पॉलिसी, सर्विसेज PMI समेत ये अहम फैक्टर्स करेंगे तय
मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में लगातार विस्तार, तेल की कम कीमतों, शुद्ध खरीदारों के रूप में विदेशी निवेशकों की वापसी और उम्मीद से बेहतर सितंबर तिमाही जीडीपी ग्रोथ ने भारतीय बाजारों में तेजी को बनाए रखने में मदद की। 1 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में निफ्टी 50473 अंक या 2.4 प्रतिशत बढ़कर 20,268 पर और बीएसई सेंसेक्स 1,511 अंक या 2.3 प्रतिशत उछलकर 67,481 पर पहुंच गया
मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर तेल की कीमतों पर भी रहेगी।
Dalal Street Week Ahead: शेयर बाजार में गुजरे सप्ताह में भी तेजी रही। यह लगातार 5वां सप्ताह है, जब शेयर बाजार में बढ़त देखी गई है। 1 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में निफ्टी 50473 अंक या 2.4 प्रतिशत बढ़कर 20,268 पर और बीएसई सेंसेक्स 1,511 अंक या 2.3 प्रतिशत उछलकर 67,481 पर पहुंच गया। बाजार में तेजी काफी हद तक इस धारणा के चलते थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दर वृद्धि का साइकिल पूरा कर लिया है और अब इसमें कमी आ सकती है। इस धारणा की वजह से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी नीचे आई, जिससे भारतीय इक्विटी मार्केट में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में लगातार विस्तार, तेल की कम कीमतों, शुद्ध खरीदारों के रूप में विदेशी निवेशकों की वापसी और उम्मीद से बेहतर सितंबर तिमाही जीडीपी ग्रोथ ने भारतीय बाजारों में तेजी को बनाए रखने में मदद की। आने वाले सप्ताह में देश में 5 राज्यों में हुए चुनाव के नतीजे और RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के 8 दिसंबर को सामने आने वाले नतीजों से बाजार प्रभावित होगा। इसके अलावा और कौन से फैक्टर्स शेयर बाजारों की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे, आइए जानते हैं...
पॉलिसी रेट्स को लेकर RBI का फैसला
सभी की निगाहें 8 दिसंबर को इस कैलेंडर वर्ष की आखिरी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों पर रहेंगी। महंगाई में लगातार कमी को देखते हुए प्रमुख पॉलिसी रेट्स के जस का तस रहने का अनुमान है। लेकिन आने वाले वर्ष में दर में कटौती को लेकर किसी भी तरह के संकेत पर नजर रहेगी।
डॉमेस्टिक इकोनॉमिक डेटा
मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में लगातार विस्तार के बाद, दलाल स्ट्रीट अब अगले सप्ताह आने वाले सर्विस पीएमआई डेटा पर ध्यान देगा। नवंबर के लिए एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई और कंपोजिट पीएमआई 5 दिसंबर को जारी किए जाएंगे। अक्टूबर में सर्विसेज पीएमआई 58.4 पर था। 1 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े भी अगले सप्ताह 8 दिसंबर को सामने आएंगे।
अमेरिकी बेरोजगारी दर
दुनिया भर के निवेशक नवंबर के लिए अमेरिकी बेरोजगारी दर और नॉन-फार्म पेरोल डेटा, अक्टूबर के लिए जॉब ओपनिंग और नौकरी छोड़ने के डेटा, और अगले सप्ताह जारी होने वाले बेरोजगारी दावों (Jobless Claims) पर नजर रखेंगे। अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नवंबर में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। अक्टूबर में, अमेरिका में नॉन-फार्म पेरोल में 1.5 लाख की वृद्धि हुई।
अक्टूबर के लिए अमेरिकी फैक्ट्री ऑर्डर और होलसेल इनवेंटरी, कच्चे तेल की साप्ताहिक इनवेंटरी और नवंबर के लिए वाहन बिक्री के आंकड़े भी आने वाले सप्ताह में घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा, अमेरिका, चीन, जापान और यूरोप जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई आंकड़ों पर भी नजर रहेगी। जापान के Q3-CY23 जीडीपी आंकड़े, Q3-CY23 के लिए यूरोप की आर्थिक वृद्धि के तीसरे अनुमान और नवंबर के लिए चीन के महंगाई आंकड़ों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
FII फ्लो
पिछले तीन महीने लगातार बिकवाली के बाद नवंबर में एफआईआई का आउटफ्लो रुक गया और उन्होंने भारतीय इक्विटीज में पैसे लगाए। पिछले पांच दिनों में अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में गिरावट के चलते एफआईआई की ओर से इनफ्लो देखा गया। बीते सप्ताह में एफआईआई ने कैश सेगमेंट में 10,593 करोड़ रुपये के शेयर शुद्ध रूप से खरीदे और नवंबर में उनकी शुद्ध खरीदारी 5,795 करोड़ रुपये रही। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने सप्ताह के दौरान 4,354 करोड़ रुपये और पूरे नवंबर माह में 12,762 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। आगे एफआईआई का रुख, घरेलू बाजारों की चाल पर निर्भर करेगा। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार को 4.2 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछले सप्ताह में 4.47 प्रतिशत थी।
तेल की कीमतें
मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर तेल की कीमतों पर भी रहेगी। तेल की कीमतों में लगातार गिरावट भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए एक और सकारात्मक बात थी। पिछले सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 3.8 प्रतिशत गिरकर 200-दिवसीय ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज- 79.31 डॉलर) से नीचे 78.88 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
IPO
नए सप्ताह में प्राइमरी मार्केट में गतिविधि थोड़ी मंद रहेगी। इसकी वजह है कि मेनबोर्ड सेगमेंट का कोई नया आईपीओ 4 दिसंबर से शुरू हो रहे सप्ताह में नहीं खुलने जा रहा है। हालांकि SME सेगमेंट के आईपीओ रहेंगे। इस सेगमेंट में दो कंपनियां अपना पब्लिक इश्यू लेकर आएंगी। पहला आईपीओ है Sheetal Universal का। 23.8 करोड़ रुपये का यह इश्यू 4 दिसंबर को खुलेगा और 6 दिसंबर तक बोली लगाई जा सकेगी। प्राइस बैंड 70 रुपये प्रति शेयर है। वहीं Accent Microcell का 78.4 करोड़ रुपये का आईपीओ 8 दिसंबर को खुलेगा, जिसके लिए प्राइस बैंड 133-140 रुपये प्रति शेयर है। पहले से चल रहे आईपीओ की बात करें तो Net Avenue Technologies का इश्यू 4 दिसंबर को क्लोज होगा। वहीं Graphisads और Marinetrans India का इश्यू 5 दिसंबर को बंद होगा। Swashthik Plascon 7 दिसंबर को BSE SME पर शेयरों को लिस्ट करेगी।
तकनीकी रूप से, बाजार मजबूत दिख रहा है और निफ्टी50 की नजर 20,500 के मार्क पर है। पिछले पांच हफ्तों के सकारात्मक माहौल को देखते हुए 20,000 के मार्क पर सपोर्ट है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार ऊपर की ओर रैली को देखते हुए बीच में कुछ कंसोलिडेशन से इंकार नहीं किया जा सकता है।
F&O संकेत
वीकली ऑप्शंस डेटा ने संकेत दिया है कि 20,400-20,500 निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस एरिया हो सकता है और 20,000-20,200 जोन पर सपोर्ट रहेगा। मैक्सिमम कॉल ओपन इंटरेस्ट पहले 21,000 स्ट्राइक पर, फिर 20,400 और 20,300 स्ट्राइक पर देखा गया। मीनिंगफुल कॉल राइटिंग पहले 20,600 स्ट्राइक पर, फिर 20,400 और 20,500 स्ट्राइक पर दिखी। पुट फ्रंट पर मैक्सिमम ओपन इंट्रेस्ट पहले 20,000 स्ट्राइक, फिर 19,500 स्ट्राइक और 20,100 स्ट्राइक पर देखा गया। वहीं पुट राइटिंग पहले 20,200 स्ट्राइक, उसके बाद 19,500 स्ट्राइक पर देखी गई।
अस्थिरता सूचकांक इंडिया VIX में सप्ताह के दौरान कुछ वृद्धि देखी गई है। यह इस साल मई के बाद पहली बार 12 के मार्क से ऊपर बंद हुआ है। सप्ताह के दौरान सूचकांक 9.3 प्रतिशत बढ़कर 12.38 के स्तर पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इसमें और बढ़ोतरी हुई तो बुल्स को कुछ असुविधा देखने को मिल सकती है।
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