Dalal Street Week Ahead: इस हफ्ते किस दिशा में मूव करेगा बाजार; एग्जिट पोल्स, GDP डेटा, मैन्युफैक्चरिंग PMI समेत ये अहम फैक्टर्स करेंगे तय
पिछले सप्ताह निफ्टी50, 63 अंक चढ़कर 19,795 पर और बीएसई सेंसेक्स 175 अंक बढ़कर 65,970 पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों से संकेत लेते हुए पिछले सात कारोबारी सत्रों में देखे गए सीमित व्यापार के बाद बाजार में कुछ गति आने की संभावना है, हालांकि मासिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की समाप्ति के कारण थोड़ी अस्थिरता हो सकती है
Dalal Street Week Ahead: 24 नवंबर को समाप्त सप्ताह शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रहा। फिर भी यह लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। आने वाले सप्ताह में 27 नवंबर को गुरु नानक जयंती के कारण बाजार बंद है। 5 राज्यों के चुनावों के बाद एग्जिट पोल, सितंबर FY24 तिमाही की आर्थिक वृद्धि और Q3-CY23 अमेरिकी GDP (Gross Domestic Product) आंकड़ों के लिए दूसरे अनुमान सहित नया सप्ताह कई ऐसे समाचारों से भरा रहने वाला है, जो बाजार पर असर डाल सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों से संकेत लेते हुए पिछले सात कारोबारी सत्रों में देखे गए सीमित व्यापार के बाद बाजार में कुछ गति आने की संभावना है, हालांकि मासिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की समाप्ति के कारण थोड़ी अस्थिरता हो सकती है।
पिछले सप्ताह निफ्टी50, 63 अंक चढ़कर 19,795 पर और बीएसई सेंसेक्स 175 अंक बढ़कर 65,970 पर पहुंच गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.4 प्रतिशत नीचे रहा। नए शुरू होने वाले सप्ताह में कौन से फैक्टर्स शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम रोल निभाएंगे, आइए जानते हैं...
एग्जिट पोल्स
5 राज्यों मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव 2023 चल रहे हैं। इन चुनावों के लिए वोटिंग खत्म हो जाने के बाद अगले सप्ताह एग्जिट पोल्स नतीजे सामने आएंगे। ये नतीजे तेलंगाना में 30 नवंबर को वोटिंग खत्म होने के बाद शाम को जारी किए जाएंगे। अन्य चार राज्यों में मतदान पूरा हो चुका है। एग्जिट पोल्स के नतीजे भी शेयर बाजार को प्रभावित करते हैं।
Q3CY23 GDP वृद्धि (दूसरा अनुमान), पॉवेल स्पीच
वैश्विक स्तर पर, निवेशकों की नजर 29 नवंबर को जारी होने वाले, तीसरी तिमाही की अमेरिकी जीडीपी वृद्धि के दूसरे अनुमान पर रहेगी। यह महंगाई और नौकरियों की संख्या के बाद, फेडरल रिजर्व के लिए एक और महत्वपूर्ण डेटा है। एडवांस एस्टिमेट्स (अक्टूबर में जारी) के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही के लिए 4.9 प्रतिशत की वार्षिक गति से बढ़ेगी, जबकि CY23 की दूसरी तिमाही के लिए वास्तविक वृद्धि 2.1 प्रतिशत दर्ज की गई। साथ ही, वास्तविक उपभोक्ता खर्च के अगले अनुमान की घोषणा भी उसी दिन की जाएगी।
इस बीच, 1 दिसंबर को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के भाषण पर भी नजर रखी जाएगी। अन्य फेड अधिकारी वालर, गूल्सबी, बोमन, बर्र, मेस्टर और विलियम्स भी अगले सप्ताह भाषण देंगे। पिछली पॉलिसी मीटिंग के 22 नवंबर को जारी मिनट्स में, फेड अधिकारियों ने दर में कटौती के बारे में कोई संकेत नहीं दिया, लेकिन वे अभी भी महंगाई के बारे में चिंतित हैं। अमेरिका में महंगाई अभी भी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी द्वारा निर्धारित 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर है, जबकि बाजार को देखकर ऐसा लगता है कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त है कि अब कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
वैश्विक आर्थिक डेटा
शीर्ष तीन वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं और यूरोप सहित कई देशों के नवंबर माह के लिए मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े अगले सप्ताह जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, अमेरिका में नए घरों की बिक्री, बिल्डिंग परमिट, कच्चे तेल की इनवेंटरी और पेंडिंग होम सेल्स के आंकड़ों पर भी नजर रहेगी।
Q2FY24 GDP वृद्धि
घरेलू मोर्चे पर, बाजार की नजर 30 नवंबर को जारी होने वाले जुलाई-सितंबर तिमाही के आर्थिक विकास आंकड़ों पर रहेगी। अर्थशास्त्रियों को जीडीपी ग्रोथ रेट लगभग 6.8-7.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। देश की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2024 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही थी। बार्कलेज इंडिया का अनुमान है कि Q2FY24 में भारत की जीडीपी में सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एसबीआई रिसर्च के मुताबिक इस तिमाही में विकास दर 7 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
इसके अलावा, अक्टूबर के लिए वित्तीय घाटे और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी 30 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। वहीं 17 नवंबर को समाप्त 15 दिनों की अवधि के लिए बैंक ऋण और जमा वृद्धि और 24 नवंबर को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े 1 दिसंबर को जारी किए जाएंगे। एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई भी 1 दिसंबर को जारी किया जाएगा।
मार्केट पार्टिसिपेंट्स 1 दिसंबर को सामने आने वाली नवंबर की मासिक ऑटो बिक्री पर भी ध्यान देंगे। इसमें दिवाली बिक्री के आंकड़ों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निफ्टी ऑटो, इंडेक्स सेक्टरों में सबसे अधिक लाभ में रहने वालों में से एक था, जो चालू माह में 7 प्रतिशत बढ़ा। इसने बेंचमार्क निफ्टी 50 से बेहतर प्रदर्शन किया।
FII फ्लो
एफआईआई फ्लो पर भी ध्यान दिया जाएगा क्योंकि विदेशी संस्थागत खरीदार कई हफ्तों के बाद शुद्ध खरीदार बन गए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से दरों में बढ़ोतरी पूरी हो जाने के अनुमान और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 5 प्रतिशत से गिरकर लगभग 4.4 प्रतिशत पर आ जाना, एफआईआई की ओर से पैसा लगाए जाने के पीछे प्रमुख कारण जान पड़ते हैं। उन्होंने कैश सेगमेंट में शुद्ध रूप से 1,473 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे हैं, जिससे शुद्ध मासिक आउटफ्लो पिछले सप्ताह के 6,500 करोड़ रुपये से घटकर अब लगभग 5,100 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी 2,112 करोड़ रुपये थी।
IPO
प्राइमरी मार्केट अगले सप्ताह भी सक्रिय रहेगा। नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 5 कंपनियों- टाटा टेक्नोलॉजीज, आईआरईडीए, फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज, फ्लेयर राइटिंग इंडस्ट्रीज और गांधार ऑयल रिफाइनरी की लिस्टिंग होगी। हालांकि मेनबोर्ड सेगमेंट में कोई नया आईपीओ नहीं आएगा।हालांकि SME सेगमेंट में आईपीओ खुलेंगे। Deepak Chemtex और AMIC Forging के आईपीओ 29 नवंबर को, जबकि Net Avenue Technologies, Graphisads और Marinetrans India के इश्यू 30 नवंबर को खुलेंगे। Swashthik Plascon का पब्लिक इश्यू 29 नवंबर को बंद होगा। इसके अलावा Arrowhead Seperation Engineering की लिस्टिंग BSE SME पर 28 नवंबर को और Rocking Deals Circular Economy की लिस्टिंग NSE Emerge पर 30 नवंबर को होगी।