Defence Stocks: डिफेंस कंपनियों के शेयर 4% तक टूटे, लगातार तीसरे दिन गिरावट, क्या अब पलटेगी चाल?

Defence Stocks: डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में आज 30 दिसंबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट को मिली। चौतरफा मुनावसूली के चलते निफ्टी डिफेंस इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 1.5% टूट गया। पिछले तीन दिन में यह इंडेक्स कुल मिलाकर 2% से अधिक गिर चुका है। आज कारोबार के दौरान इंडेक्स में शामिल 18 में से 16 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

अपडेटेड Dec 30, 2025 पर 3:08 PM
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Defence Stocks: सबसे अधिक गिरावट मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में देखने को मिली

Defence Stocks: डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में आज 30 दिसंबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट को मिली। चौतरफा मुनावसूली के चलते निफ्टी डिफेंस इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 1.5% टूट गया। पिछले तीन दिन में यह इंडेक्स कुल मिलाकर 2% से अधिक गिर चुका है। आज कारोबार के दौरान इंडेक्स में शामिल 18 में से 16 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

सबसे अधिक गिरावट मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में देखने को मिली, जो इंट्राडे में करीब 4% तक टूट गया। इसी तरह सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया के शेयरों में 3.5% और डेटा पैटर्न्स इंडिया के शेयरों में करीब 3% तक की गिरावट देखने को मिली।

यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में रक्षा मंत्रालय के डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 79,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों में अपग्रेड, ओवरहॉल और नई खरीद शामिल हैं, जो थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुख प्लेटफॉर्म्स से जुड़े हैं। इसके बावजूद निवेशकों ने डिफेंस शेयरों में आज मुनाफा वसूल करना बेहतर समझा।


अब आगे कैसी रहेगी चाल?

ब्रोकरेज फर्म PL Capital के मुताबिक, बीते कुछ महीनों में DAC ने सेना के तीनों अंगों के लिए कुल मिलाकर लगभग 3.30 लाख करोड़ रुपये के ‘एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी’ (AoN) प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों में मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर, ड्रोन व स्वायत्त सिस्टम, नेवल प्लेटफॉर्म, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और लाइफ-साइकिल अपग्रेड व मेंटेनेंस शामिल हैं। यह मंजूरियां आने वाले कई सालों के लिए ऑर्डर विज़िबिलिटी मजबूत करती हैं और घरेलूकरण (लोकलाइजेशन) व प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ावा देती हैं।

PL कैपिटल का मानना है कि ये AoN घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के लिए मध्यम से लंबी अवधि में कमाई और एक्जिक्यूशन को लेकर स्पष्टता लाती हैं। खास तौर पर मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनमैन्ड सिस्टम, शिपबिल्डिंग और सपोर्ट सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है। 29 दिसंबर 2025 को दी गई 79,000 करोड़ रुपये की ताजा मंजूरी ने डिफेंस कैपेक्स पाइपलाइन को और मजबूत किया है।

ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट गोला-बारूद (पिनाका सिस्टम) से Solar Industries India को फायदा मिल सकता है, जबकि अस्त्र Mk-II मिसाइल प्रोजेक्ट से Bharat Dynamics और Bharat Electronics को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा ड्रोन, रडार और नौसेना व वायुसेना से जुड़े अन्य प्लेटफॉर्म्स के जरिए कई घरेलू कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

वहीं ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि DAC की मंजूरियां हथियार, मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम, सर्विलांस और कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, ट्रेनिंग सिस्टम और नेवल सपोर्ट प्लेटफॉर्म जैसे कई क्षेत्रों को कवर करती हैं। हालांकि AoN तुरंत ऑर्डर में तब्दील नहीं होती, लेकिन इनकी व्यापकता और आकार आने वाले दो से चार सालों में सरकारी डिफेंस कंपनियों और कुछ चुनिंदा प्राइवेट कंपनियों के लिए ऑर्डर फ्लो के जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है।

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