Defence Stocks: रॉकेट बने डिफेंस स्टॉक्स, 18% उछला पारस डिफेंस; सरकार का ये बड़ा अपडेट बना वजह

Defence Stocks: भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात दोनों ने FY26 में रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि के बाद डिफेंस शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। Paras Defence 18% तक उछला, जबकि HAL, BEL, Bharat Dynamics और Mazagon Dock समेत कई शेयरों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 4:24 PM
सरकार ने रक्षा निर्यात के मोर्चे पर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

Defence Stocks: सरकार ने बुधवार को देश के डिफेंस प्रोडक्शन को लेकर दमदार आंकड़े जारी किए। इसके बाद डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

Paras Defence सबसे बड़ा गेनर

डिफेंस शेयरों में Paras Defence and Space Technologies सबसे आगे रहा। कंपनी का शेयर 18% से ज्यादा चढ़कर 1,285 रुपये के करीब पहुंच गया।


इसके अलावा Hindustan Aeronautics (HAL) का शेयर 3.58% बढ़कर 4,408 रुपये पर रहा। Bharat Dynamics में 4.25% की तेजी आई और शेयर 1,289.30 रुपये पर बंद हुआ।

वहीं Mazagon Dock Shipbuilders का शेयर 2.37% चढ़कर 2,526 रुपये पर पहुंच गया। Bharat Electronics (BEL) में 1.61% और Bharat Forge में 0.51% की बढ़त दर्ज की गई।

1.78 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

यह वित्त वर्ष 2024-25 के 1.54 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 15.6% ज्यादा है। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 में देश का रक्षा उत्पादन 84,643 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में यह आंकड़ा 110% बढ़ चुका है। सरकार का कहना है कि यह देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दमदार ग्रोथ को दिखाता है।

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

राजनाथ सिंह कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15.6% और वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 110% ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 43,746 करोड़ रुपये था, जो अब लगभग चार गुना हो चुका है।

सरकारी कंपनियों का बड़ा योगदान

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा उत्पादन में Defence Public Sector Undertakings (DPSUs) और अन्य सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 76% रही।

निजी कंपनियों ने भी बनाया रिकॉर्ड

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में निजी कंपनियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में निजी क्षेत्र का उत्पादन करीब 42,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 22% थी, जो अब बढ़कर 24% हो गई है।

डिफेंस एक्सपोर्ट में भी बना रिकॉर्ड

सरकार ने रक्षा निर्यात के मोर्चे पर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इस मजबूत निर्यात प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले समय में डिफेंस कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर मिल सकते हैं और उनकी कमाई में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

क्यों चढ़े डिफेंस शेयर?

एनालिस्टों का मानना है कि रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इससे डिफेंस कंपनियों को भविष्य में ज्यादा ऑर्डर मिलने और कारोबार बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।

इसी उम्मीद में सरकारी और निजी, दोनों तरह की डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।

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