Defence Stocks: शेयर बाजार में जारी गिरावट के बीच आज 4 मार्च को डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स (GRSE) जैसी डिफेंस कंपनियों के शेयर 10 फीसदी तक उछल गए। यह तेजी यूरोपीय डिफेंस शेयरों में आई जोरदार बढ़त के कारण देखने को मिली। यूरोपीय डिफेंस कंपनियों के शेयरों में यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद आया। ट्रंप ने एक बयान में यूरोप को सुरक्षा की गारंटी देने से इनकार किया है। इस बयान ने यूरोपीय नेताओं को अपनी रक्षा नीतियों और फंडिंग पर दोबावा विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
भारतीय शेयर बाजार में सबसे अधिक तेजी GRSE के शेयरों में देखने को मिली, जो 9.61% की छलांग लगाकर 1,331.05 रुपये पर पहुंच गया। इसके साथ ही इस शेयर में पिछले 4 दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला आज थम गया। इसके अलावा, HAL के शेयरों में 4.49% की बढ़त देखी गई और यह 3,330 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में क्रमशः 5.52% और 7.4% की तेजी देखने को मिली। इसके साथ ही, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज के शेयरों में भी 3% तक की तेजी देखी गई।
इससे पहले सोमवार को यूरोपीय डिफेंस कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जर्मनी की Rheinmetall के शेयर 15% उछले, इटली की Leonardo में 17.3% की बढ़त देखी गई, और फ्रांस की Thales के शेयरों में 16.7% की तेजी आई।
ब्रिटेन की BAE Systems के शेयरों में 14.3% की बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि स्वीडन की Saab ने 11.6% की तेजी देखने को मिली। पूरे यूरोप के डिफेंस शेयरों को ट्रैक करने वाला 'स्टॉर्स यूरोप एयरोस्पोस एंड डिफेंस इंडेक्स' 8% उछल गया, जो नवंबर 2020 के बाद से इसमें किसी एक दिन में आई सबसे अधिक उछाल है।
इसी बीच, भारत में भारतीय वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए गठित "एम्पावर्ड कमेटी फॉर कैपेबिलिटी एन्हांसमेंट" ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपनी रिपोर्ट 3 मार्च को सौंपी। इस रिपोर्ट में देश की रक्षा क्षमताओं को मध्यम और लंबी अवधि में मजबूत करने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं। इनमें स्वदेशीकरण को बढ़ावा देना और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को मजबूत करना शामिल है।
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