Defence Stocks: भारतीय डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आज 11 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। तीन दिन की लगातार गिरावट के बाद आज निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 1.3% चढ़कर बंद हुआ। सबसे अधिक तेजी पारस डिफेंस और अस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स के शेयरों में देखने को मिली, जो 4.5% तक उछलकर क्रमशः 651 रुपये और 999 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। डेटा पैटर्न्स में भी करीब 4% की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं सोलर इंडस्ट्रीज और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लगभग 3% चढ़कर बंद हुए। GRSE और जेन टेक करीब 2% ऊपर रहे। लार्जकैप शेयरों में भारत डायनेमिक्स (BDL) और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स (HAL) करीब 1% बढ़कर बंद हुए।
डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे 5 मुख्य कारण रहे-
1. रक्षा उत्पादन का नया रिकॉर्ड
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 9 अगस्त को बताया कि भारत का सालाना रक्षा उत्पादन FY25 में रिकॉर्ड 1.51 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो FY24 के 1.27 लाख करोड़ रुपये से 18% अधिक है। वित्त वर्ष 2020 की तुलना में यह 90% की बढ़ोतरी है। राजनाथ सिंह ने इसे भारत के मजबूत हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस का संकेत बताया।
2. DRDO प्रमुख की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सराहना
DRDO प्रमुख समीर कामत ने कहा कि ब्रहमोस मिसाइल और आकाशतीर डिफेंस सिस्टम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अहम भूमिका निभाई। ब्रहमोस को मुख्य अटैक हथियार और आकाशतीर को एंटी-ड्रोन सुरक्षा सिस्टम्स के रूप में इस्तेमाल किया गया। ब्रहमोस मिसाइन को बनाने में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की अहम भूमिका है।
3. पाकिस्तान की धमकी से बढ़ा जियोपॉलिटिकल टेंशन
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनीर ने धमकी दी है कि अगर भारत सिंधु जल संधि रोकने के बाद कोई डैम बनाता है, तो वह उस पर 10 मिसाइलों से हमला करके तबाह कर देंगे। इस बयान से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की संभावना बनी, जिससे डिफेंस शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
कुछ डिफेंस कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों ने भी तेजी में योगदान दिया। गार्डर रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) का मुनाफा सालाना आधार पर 38% बढ़कर 120 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, BEML को 64 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, लेकिन यह पिछले साल के घाटे से कम है।
जून में रिकॉर्ड हाई छूने के बाद निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 17% से ज्यादा गिर चुका था। एनालिस्ट्स ने ओवरवैल्यूएशन की चेतावनी दी थी, लेकिन हालिया करेक्शन के बाद निवेशकों ने इन शेयरों में दोबारा खरीदारी शुरू कर दी।
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