Defence stocks: शेयर बाजार में आज 22 अक्टूबर को भारी बिकवाली हो रही है, जिसका असर डिफेंस शेयरों में भी दिख रहा है। इस सेक्टर में स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स में भारी गिरावट आई है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स और भारत डायनेमिक्स जैसे शेयर आज करीब 5-9 फीसदी तक टूट गए। इन डिफेंस स्टॉक्स में पिछले दो सालों में अच्छी रैली देखी गई है। इसके अलावा, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पारस डिफेंस और एस्ट्रा माइक्रोवेव जैसे अन्य डिफेंस शेयरों में भी दबाव है और इनमें 2-4 फीसदी तक की गिरावट आई है।
क्या है Defence stocks में गिरावट की वजह
हाल के वर्षों में डिफेंस सेक्टर में हलचल के चलते काफी निवेश आया है। डिफेंस इक्विपमेंट्स के स्वदेशीकरण को लेकर सरकार के प्रयासों के चलते इन शेयरों के लिए सेंटीमेंट पॉजिटिव हुआ। इसके चलते निवेशकों ने किसी स्ट्रेटेजी के बिना इन शेयरों में जमकर निवेश किया। इसके चलते ये शेयरों की कीमत बेहद कम समय में ही डबल हो गई। भारी निवेश के लिए हाई वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बढ़ती गईं और अब इन स्टॉक्स में जमकर मुनाफावसूली हो रही है। कई शेयरों में रिकॉर्ड हाई से तेज गिरावट देखने को मिली है।
Defence stocks पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
ओमनीसाइंस कैपिटल के CEO और चीफ इनवेस्टमेंट एडवाइजर विकास गुप्ता का कहना है कि डिफेंस शेयरों का फंडामेंटल मजबूत बना हुआ है। इनके पास मजबूत रेवेन्यू, प्रॉफिट, ग्रोथ की संभावना और 5-10 साल तक चलने वाली ऑर्डर बुक का सपोर्ट है। उन्होंने कहा कि कुछ प्योर-प्ले डिफेंस स्टॉक अभी भी वैल्यूएशन के नजरिए से आकर्षक लग रहे हैं, जबकि कई स्टॉक अधिक महंगे हो गए हैं।
गुप्ता ने कहा, "डिफेंस इनवेस्टर्स में इसके लिए क्रिएटिविटी और मॉडर्न जियो-स्ट्रेटेजी में डिफेंस के कई डायमेंशन की अच्छी समझ की जरूरत होती है। रक्षा के अन्य डायमेंशन में निवेश करने पर विचार किया जा सकता है, जैसे कि एनर्जी सिक्योरिटी, रेयर और स्ट्रेटेजिक मटेरियल, डिफेंस फोर्स का सपोर्ट करने वाली लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, और पोर्ट जैसे स्ट्रेटिजक ग्लोबल लोकेशन के लिए फाइनेंशियल और अन्य सपोर्ट।" उन्होंने कहा, "डिफेंस के बारे में अपनी समझ को बेहतर बनाकर नॉन-ट्रेडिशनल तरीकों से इस सेक्टर के बारे में जानकारी प्राप्त करना अभी भी संभव है।"
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