Defence stocks : डिफेंस शेयरों ने आज दिखाया दम, 79000 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से कल भी इनका जोश रहेगा हाई

Defence stocks : शिपिंग कंपनियां भी फोकस में हैं। दक्षिण कोरियाई कंपनियों की भारतीय शिप बिल्डिंग में दिलचस्पी देखने को मिल रही है। इनकी भारतीय कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने में दिलचस्पी है। नैवल ग्रप और मजगांव शिपबिल्डर्स ने सबमरीन एक्सपोर्ट का करार बढ़ाया है

अपडेटेड Oct 23, 2025 पर 6:34 PM
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Defence Stocks : डिफेंस एक्युजीशन काउंसिल ने देश की सैन्य शक्ति बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के हथियारों के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी सशस्त्र बलों के लिए नई मिसाइल प्रणालियों, हाई मोबिलिटी वाहनों, नेवल सर्फेस गनों और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए दी गई है

Defence stocks : आज डिफेंस शेयरों में अच्छी रौनक देखने को मिली है। आखिर इस सेक्टर में क्या चल रहा है? इन शेयरों की तेजी को कहां से सपोर्ट मिल रहा है। ये बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने कहा कि निफ्टी डिफेंस इंडेक्स अपने शिखर से सिर्फ 8 फीसदी दूर है। PM मोदी ने कहा है कि भारत को दुनिया के टॉप डिफेंस एक्सपोर्ट्स में शामिल करने का लक्ष्य है। पिछले एक दशक में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 30 गुना से ज्यादा बढ़ा है।

भारत फोर्ज में तेजी क्यों?

भारत फोर्ज को भारतीय सेना से 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा के ऑर्डर मिले हैं। कंपनी को क्लोज क्वार्टर कार्बाइन के लिए ऑर्डर मिला है। कंपनी 4.25 लाख में से 2.5 लाख (क्लोज क्वार्टर कार्बाइन)CQB सप्लाई करेगी।


BEL में रौनक

BEL को कोचिन शिपयार्ड से ₹633 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। कंपनी को डिफेंस इक्विपमेंट सप्लाई करने का ऑर्डर मिला है।

फोकस में शिपिंग कंपनियां

शिपिंग कंपनियां भी फोकस में हैं। दक्षिण कोरियाई कंपनियों की भारतीय शिप बिल्डिंग में दिलचस्पी देखने को मिल रही है। इनकी भारतीय कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने में दिलचस्पी है। नैवल ग्रप और मजगांव शिपबिल्डर्स ने सबमरीन एक्सपोर्ट का करार बढ़ाया है।

79,000 करोड़ रुपये के हथियारों के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी

इस बीच खबर है कि डिफेंस एक्युजीशन काउंसिल ने देश की सैन्य शक्ति बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के हथियारों के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी सशस्त्र बलों के लिए नई मिसाइल प्रणालियों, हाई मोबिलिटी वाहनों, नेवल सर्फेस गनों और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए दी गई है। सरकार ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्युजीशन काउंसिल ने 23 अक्टूबर को सशस्त्र बलों के लिए नई मिसाइल प्रणाली,हाई मोबिलिटी वाहनों, नेवल सर्फेस गनों और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए 79,000 करोड़ रुपये के खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि भारतीय सेना के लिए, नाग मिसाइल सिस्टम (Tracked) एमके-II (NAMIS), ग्राउंड बेस्ड मोबाइल ELINT सिस्टम (GBMES) और मैटेरियल हैंडलिंग क्रेन के साथ हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (HMVs) की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। NAMIS (ट्रैक्ड) की खरीद से भारतीय सेना की दुश्मन के लड़ाकू वाहनों, बंकरों और दूसरी फील्ड किलेबंदी को बेअसर करने की क्षमता बढ़ेगी। जबकि GBMES दुश्मन के ऊर्जा उत्सर्जन की चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी प्रदान करेगा। HMVs को शामिल करने से अलग-अलग तरह के भौगोलिक इलाकों में सैन्य बलों को रसद पहुंचाने में काफी सुधार होगा।

भारतीय नौसेना के लिए, लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक्स (LPD), 30 मिमी नेवल सरफेस गन (एनएसजी),एडवांस्ड लाइट वेट टॉरपीडो (ALWT), इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इंफ्रा-रेड सर्च एंड ट्रैक सिस्टम और 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट के लिए स्मार्ट गोला-बारूद की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है

भारतीय वायु सेना के लिए,कोलैबोरेटिव लॉन्ग रेंज टारेगट सैचुरेशन /डिस्ट्रक्शन सिस्टम (CLRTS/DS) और अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। CLRTS/DS में मिशन मिशन एरिया में ऑटोमोनस टेक-ऑफ, लैंडिंग, नेविगेशन, पता लगाने और पेलोड पहुंचाने की क्षमता होती है।

 

 

 

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