जीडीपी में दिल्ली की हिस्सेदारी घटी, नोएडा - गाजियाबाद ने मारी बाजी! NCR में बदल रही है आर्थिक ताकत की तस्वीर

मेट्रो शहरों में सिर्फ दिल्ली की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में घटी है। मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में बढ़ी है। देश की जीडीपी में दिल्ली की हिस्सेदारी FY में 4.12 फीसदी थी। यह FY24 में घटकर 3.82 फीसदी रह गई

अपडेटेड Aug 11, 2026 पर 5:59 PM
दिल्ली-एनसीआर में शामिल नोएडा और गाजियाबाद की देश की जीडीपी में हिस्सेदारी बढ़ी है।

देश की जीडीपी में बीते छह सालों में दिल्ली की हिस्सेदारी घटी है। यह जानकारी कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट पर आधारित है। यह रिपोर्ट एसेंबली में पेश की गई है। मनीकंट्रोल ने इस रिपोर्ट का विश्लेषण किया है।

जीडीपी में मुंबई और बेंगलुरु की हिस्सेदारी बढ़ी

रिपोर्ट के एनालिसिस से पता चला है कि मेट्रो शहरों में सिर्फ दिल्ली की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में घटी है। मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में बढ़ी है। देश की जीडीपी में दिल्ली की हिस्सेदारी FY में 4.12 फीसदी थी। यह FY24 में घटकर 3.82 फीसदी रह गई।


चेन्नई की हिस्सेदारी भी जीडीपी में बढ़ी है

बेंगलुरु की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में FY18 में 2.88 फीसदी थी। यह FY24 में बढ़कर 3.23 फीसदी हो गई। मुंबई (ठाणे और पालघर छोड़कर) की हिस्सेदारी इस दौरान 2.57 फीसदी से बढ़कर 2.75 फीसदी हो गई। चेन्नई की हिस्सेदारी इस दौरान 1.02 से बढ़कर 1.09 फीसदी हो गई।

नोएडा और गाजियाबाद की हिस्सेदारी बढ़ी

खास बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर में शामिल नोएडा और गाजियाबाद की देश की जीडीपी में हिस्सेदारी इस दौरान बढ़ी है। नोएडा की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में FY18 में 0.84 फीसदी थी, जो FY24 में बढ़कर 0.87 फीसदी हो गई। गाजियाबाद की हिस्सेदारी 0.24 फीसदी थी, जो बढ़कर 0.39 फीसदी हो गई।

दिल्ली की हिस्सेदारी घटने की वजह 

देश की जीडीपी में दिल्ली की हिस्सेदारी घटने की एक वजह कुछ सर्विसेज के दिल्ली के बाहर जाना हो सकता है। दिल्ली में किराया बढ़ने से इन सर्विसेज ने एनसीआर में शामिल दूसरे शहरों का रुख किया होगा। दूसरी वजह प्रदूषण के सख्त नियम हो सकते हैं, जिनकी वजह से कुछ मैन्युफैक्चरर्स को दिल्ली से बाहर जाना पड़ा होगा।

आर्थिक गितिविधियां दूसरे शहरों में शिफ्ट हुईं

कैग के डेटा से यह संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय राजधानी का हिस्सा रही आर्थिक गतिविधियां बंद होने की जगह एनसीआर के दूसरे शहरों में शिफ्ट हुई होंगी। गाजियाबाद के डेटा से इसका पता चलता है। FY18 से FY24 के बीच देश की जीडीपी में गाजियाबाद की हिस्सेदारी 0.15 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ी है। इस दौरान नोएडा की हिस्सेदारी भी 0.03 पर्सेंटेज प्वाइंट बढ़ी है।

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चंडीगढ़ की हिस्सेदारी अपरिवर्तित रही

FY18 से FY24 के बीच देश की जीडीपी में चंडीगढ़ की हिस्सेदारी करीब अपरिवर्तित रही। पुद्दुचेरी की हिस्सेदारी 0.17 से घटकर 0.15 फीसदी पर आ गई। जम्मू एवं कश्मीर की हिस्सेदारी 0.81 फीसदी से घटकर 0.76 फीसदी पर आ गई। खास बात यह है कि हिस्सेदारी में कमी के बावजूद दिल्ली की हिस्सेदारी देश की जीडीपी में मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा है।

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