रिटेल निवेशकों ने बढ़ाई बाजार से दूरी, फरवरी में 3-महीने के निचले स्तर पर पहुंची नए डीमैट खातों की संख्या

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज के आंकड़ों को मुताबिक, फरवरी महीने में करीब 20.8 लाख नए डीमैट अकाउंट खोले गए। यह नंवबर 2022 के बाद से अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। वहीं जनवरी महीने के मुकाबले नए डीमैट खातों की संख्या में फरवरी में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई

अपडेटेड Mar 06, 2023 पर 8:58 PM
देश में अब कुल डीमैट अकाउंट की संख्या बढ़कर 11.25 करोड़ हो गई

शेयर बाजारों में गिरावट के कारण रिटेल निवेशक पिछले महीने इक्विटी में निवेश करने के इच्छुक नहीं थे। इसके चलते फरवरी में खोले गए नए डीमैट खातों की संख्या में कमी आई और यह पिछले 3 महीनों के निचले स्तर पर चला गया। नए डीमैट खातों की संख्या में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब इन्हें खोलने की प्रक्रिया अब कहीं आसान और सरल हो गई है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज के आंकड़ों को मुताबिक, फरवरी महीने में करीब 20.8 लाख नए डीमैट अकाउंट खोले गए। यह नंवबर 2022 के बाद से अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। वहीं जनवरी महीने के मुकाबले नए डीमैट खातों की संख्या में फरवरी में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इसके साथ ही में अब देश में कुल डीमैट अकाउंट की संख्या बढ़कर 11.25 करोड़ हो गई। यह इसके पिछले महीने के मुकाबले 1.88 फीसदी, जबकि एक साल पहले की तुलना में 30 फीसदी अधिक है।

Geojit Financial Services के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स डॉ. वी के विजयकुमार ने बताया, "नए डीमैट खातों की बढ़ोतरी दर में गिरावट का एक साफ रुझान है। साथ ही NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) ने हाल ही में सक्रिय खातों में गिरावट की सूचना दी है। इसके पीछे मुख्य वजहें बाजार से खराब रिटर्न और हाल के दिनों में एफडी पर रिटर्न बढ़ना है।"


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लार्ज और मिड-कैप दोनों शेयरों ने पिछले छह महीनों में कमजोर रिटर्न दिया है। इसके पीछे ऊंची महंगाई दर, ग्लोबल लेवल पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी, भू-राजनीतिक तनाव आदि कारण है। इसके चलते रिटेल निवेशक इस समय बाजार में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। नवंबर 2022 से अब तक, सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 0.9 प्रतिशत और 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं BSE मिडकैप और स्मॉलकैप में क्रमशः 2.3 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।

पिछले 6 महीनों के दौरान नए डीमैट खातों का कैसा रहा ट्रेंड, इसे आप नीचे दिए गए टेबल में देख सकते हैं-

Demat Account (002)

SIP में अभी बना हुआ निवेशकों का भरोसा

5paisa.com के लीड रिसर्चर रुचित जैन के मुताबिक, नए निवेशक इक्विटी मार्केट में प्रवेश करने से हिचकिचाते हैं। लेकिनलेकिन म्यूचुअल फंड के सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए बाजार में रिटले निवेशकों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है।

इससे ऐसा लगता है कि लंबी अवधि के नजरिए से इक्विटी में रिटेल निवेशकों का भरोसा बरकरार है, लेकिन निवेशक सीधे निवेश करते समय सावधानी बरत रहे हैं। जनवरी में मंथली SIP के जरिए बाजार में आने वाला निवेश 13,850 करोड़ रुपये के आंकड़ो पार कर गया, एक हेल्दी ट्रेंड दिखाता है।

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