Devyani और Sapphire Foods के विलय को BSE की एनओसी, शेयर रॉकेट

Merger News: केएफसी (KFC) और पिज्जा हट (Pizza Hut) की फ्रेंचाइजी किसी एक कंपनी के पास ही नहीं है और देश में दो लिस्टेड कंपनियां देवयानी इंटरनेशनल (Devyani International) और सफायर फूड्स इंडिया (Sapphire Foods India) भी इसे चला रही हैं। अब इनके विलय का रास्ता बनाया जा रहा है और बीएसई से एनओसी मिल गई है जिससे इनके शेयर जोश में आ गए। जानिए कि अब आगे क्या काम है और बीएसई ने मंजूरी के साथ निर्देश क्या दिए हैं

अपडेटेड Jun 16, 2026 पर 3:54 PM
Merger News: केएफसी (KFC) और पिज्जा हट (PizzaHut) के चेन संभालने वाली देवयानी इंटरनेशनल (Devyani International) और सफायर फूड्स इंडिया (Sapphire Foods India) के शेयरों में आज शानदार जोश दिखा।

Merger News: केएफसी (KFC) और पिज्जा हट (PizzaHut) के चेन संभालने वाली देवयानी इंटरनेशनल (Devyani International) और सफायर फूड्स इंडिया (Sapphire Foods India) के शेयरों में आज शानदार जोश दिखा। इस विलय के बाद केएफसी और पिज्जा हट जैसे ब्रांड्स की फ्रेंचाइजी एक कंपनी के तहत आ जाएगी। इन दो रेस्टोरेंट्स ऑपरेटर्स के प्रस्तावित विलय को बीएसई ने मंजूरी दी तो निवेशक चहक उठे और शेयरों की चमक बढ़ गई। आज बीएसई पर देवयानी इंटरनेशनल के शेयर 1.84% की बढ़त के साथ ₹113.40 (Devyani Share Price) और सफायर फूड्स 5.25% के उछाल के साथ ₹182.50 (Sapphire Foods Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में देवयानी इंटरनेशनल 8.89% उछलकर ₹121.25 और सफायर फूड्स 6.98% चढ़कर ₹185.50 तक पहुंचा था।

Devyani और Sapphire Foods के लिए अब आगे क्या

बीएसई ने देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स इंडिया के विलय के प्रस्ताव को एनओसी दे दी है यानी कि बीएसई को कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि अभी विलय का रास्ता पूरा नहीं हुआ है क्योंकि ये तो एक पड़ाव है। बीएसई से मंजूरी मिलने के बाद अब ये कंपनियां NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) के पास विलय को लेकर आवेदन कर सकती हैं। बीएसई का ऑब्जर्वेशन छह महीने के लिए वैलिड रहेगा जिस और इस दौरान कंपनियों को एनसीएलटी के पास अपनी स्कीम पेश करनी है।


बीएसई ने कंपनियों के दिया अहम निर्देश

अहम बात ये है कि एनओसी देने के साथ बीएसई ने कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि योजना पर मंजूरी लेने से पहले शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त जानकारी दें। इसमें कंपनियां को विलय से पहले और बाद के शेयरहोल्डिंग पैटर्न, ट्रांसफर किए जाने वाले एसेट्स और देनदारी, लंबित कानूनी मामले या नियामकीय कार्यवाही, प्रमोटर के फिर से वर्गीकरण की योजनाएं और सफायर फूड्स मॉरीशस की आर्कटिक इंटरनेशनल को हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव की जानकारी शामिल है। बीएसई ने यह भी साफ किया कि उसके ऑब्जर्वेशन को मंर्जर की मंजूरी नहीं माना जाना चाहिए और यह स्कीम की वित्तीय मजबूती या ट्रांजैक्शन को लेकर कंपनियों के बयानों के तथ्यों की प्रामाणिकता नहीं है।

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