स्टॉक मार्केट में शुक्रवार (29 अप्रैल) को काफी उतार-चढ़ाव दिखा। सुबह में बाजार अच्छी मजबूती के साथ खुले। लेकिन, दोपहर में हुई बिकवाली से मार्केट ने न सिर्फ अपनी बढ़त गंवा दी बल्कि यह काफी गिरकर बंद हुआ। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 460 अंक लुढ़कर कर 57,060 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर सेलिंग प्रेशर ज्यादा था। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि निफ्टी के सभी सेक्टर के सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
एक्सपर्ट्स इस गिरावट की वजह एलआईसी के आईपीओ को बता रहे हैं। एलआईसी का IPO 4 मई को खुल रहा है। 3 मई को ईद के मौके पर स्टॉक मार्केट में छुट्टी है। शुक्रवार इस हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन है। शनिवार और रविवार को मार्केट बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि अगले हफ्ते LIC का आईपीओ खुलने से पहले मार्केट सिर्फ एक दिन खुलेंगे।
मार्केट में अब भी ज्यादातर शेयरों में T+2 सेटलमेंट की व्यवस्था लागू है। इसलिए शेयर बेचने के दो वर्किंग दिन के बाद ही पैसा अकाउंट में आएगा। इसका मतलह है कि शुक्रवार को शेयर बेचने पर 4 तारीख तक इनवेस्टर्स के अकाउंट में पैसे आएंगे। 4 मई को ही LIC का आईपीओ खुल रहा है। इसी वजह से इनवेस्टर्स ने शुक्रवार को मुनाफावसूली की।
एलआईसी का इश्यू इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ है। इनवेस्टर्स इसमें निवेश के लिए पैसे का इंतजाम करना चाहते हैं। वे अपने पोर्टफोलियो के कुछ शेयरों को बेचकर पैसा LIC के आईपीओ में लगाना चाहते हैं। चूंकि, IPO के लिए एलआईसी की वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपये लगाई गई है, जिससे इनवेस्टर्स को इस आईपीओ में लिस्टिंग गेंस हो सकती है।
LIC IPO में निवेश की चाहत सिर्फ रिटेल इनवेस्टर्स में ही नहीं है। दुनिया की दिग्गज कंपनियां और इनवेस्टर्स इसमें पैसे लगाना चाहते हैं। इनमें नॉर्वे, सिंगापुर और अबुधाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड्स शामिल हैं। ये एंकर इनवेस्टर्स होंगे। एंकर इनवेस्टर्स के लिए इस इश्यू के 2 मई को खुलने की उम्मीद है।
शुक्रवार को इंडियन मार्केट में आई गिरावट की वजह इसलिए भी LIC के आईपीओ को माना जा रहा है, क्योंकि आज कुछ एशियाई और यूरोपीय बाजारों में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, विप्रो, एसबीआई, मारुति, टाइटन कंपनी और एनटीपीसी में गिरावट आई। एक्सिस बैंक का शेयर सबसे ज्यादा 6.57 फीसदी गिरा।