DII Buying Stocks: इन 5 माइक्रोकैप स्टॉक्स में DII ने बढ़ाई हिस्सेदारी, क्या आपको लगाना चाहिए दांव?

DII Buying Stocks: दिसंबर तिमाही में DIIs ने कई माइक्रोकैप कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ाई है। जानिए DIIs इन स्टॉक्स पर क्यों बुलिश हैं और क्या रिटेल इनवेस्टर्स को भी इन पर दांव लगाना चाहिए।

अपडेटेड Mar 08, 2026 पर 9:27 PM
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DIIs ने दिसंबर तिमाही के दौरान Tega Industries में अपनी हिस्सेदारी 7.9 प्रतिशत बढ़ाकर 18.6 प्रतिशत कर ली।

DII Buying Stocks: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि, कमजोर सेंटीमेंट के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs माइक्रोकैप स्टॉक्स में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के दौरान DIIs ने कुछ चुनिंदा माइक्रोकैप स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाई। नीचे उन पांच कंपनियों की जानकारी दी गई है, जिन्हें कम से ज्यादा हिस्सेदारी बढ़ाने के क्रम में रखा गया है।

Privi Specialty


Privi Specialty Chemicals Limited सुगंध और एरोमा केमिकल बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। कंपनी के प्रोडक्ट्स साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट और अन्य फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होते हैं।

अक्टूबर दिसंबर तिमाही में DIIs ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 5.7 प्रतिशत बढ़ाई। इससे उनकी कुल हिस्सेदारी 10.3 प्रतिशत हो गई।

तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री ₹491 करोड़ से बढ़कर ₹605 करोड हो गई, जो 23.2 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं मुनाफा ₹44 करोड़ से बढ़कर ₹75 करोड़ हो गया, यानी 76 प्रतिशत की बढ़त। कंपनी का ROCE 16.4 प्रतिशत है। यह इंडस्ट्री के औसत 15.4 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा है।

Entero Healthcare

Entero Healthcare Solutions भारत की शीर्ष हेल्थकेयर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में शामिल है। कंपनी फार्मास्युटिकल और सर्जिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है।

दिसंबर तिमाही के दौरान DIIs ने अपनी हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत बढ़ाकर 16.4 प्रतिशत कर ली।

कंपनी ने MedTech सेक्टर में तीन कंपनियों Anand Medilink, Bioaide Technologies और Ace Cardiopathy Solutions में हिस्सेदारी खरीदी। इसके अलावा Anand Chemiceutics में भी 51.5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 तक MedTech से कंपनी का रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ से ज्यादा हो सकता है।

दिसंबर तिमाही में कंपनी की बिक्री ₹1,359 करोड़ से बढ़कर ₹1,706.5 करोड़ हो गई। वहीं, मुनाफा ₹29.4 करोड से बढ़कर ₹34 करोड़ हो गया।

Thyrocare Technologies

Thyrocare Technologies मशहूर डायग्नोस्टिक चेन है, जो पूरे भारत में लैब टेस्ट और हेल्थ पैकेज उपलब्ध कराती है। कंपनी Aarogyam ब्रांड के तहत कई तरह के टेस्ट और वेलनेस पैकेज देती है। इस कंपनी की खास बात यह है कि कॉरपोरेट क्लाइंट्स के लिए 2,000 फलेबोटोमिस्ट की डेडिकेटेड टीम उपलब्ध है।

दिसंबर 2025 में खत्म हुई तिमाही में DIIs ने अपनी हिस्सेदारी 7.1 प्रतिशत बढ़ाकर 20.5 प्रतिशत कर ली।

तिमाही में कंपनी के पास टेस्ट कराने वाले मरीजों की संख्या 40 लाख से बढ़कर 45 लाख हो गई। कुल टेस्ट 40.5 मिलियन से बढ़कर 49.6 मिलियन हो गए। कंपनी की बिक्री ₹166 करोड़ से बढ़कर ₹196 करोड हो गई। वहीं, मुनाफा ₹19 करोड़ से बढ़कर ₹28 करोड हो गया।

Tega Industries

Tega Industries माइनिंग इंडस्ट्री के लिए जरूरी उपकरण और कंज्यूमेबल्स बनाने वाली कंपनी है। कंपनी रबर, स्टील, पॉलीयूरेथेन और सिरेमिक से बने मिल लाइनर्स जैसे प्रोडक्ट बनाती है।

DIIs ने दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 7.9 प्रतिशत बढ़ाकर 18.6 प्रतिशत कर ली।

कंपनी ने इस दौरान लगभग ₹1,713 करोड जुटाकर Molycop का अधिग्रहण किया। यह कंपनी माइनिंग इंडस्ट्री के लिए ग्राइंडिंग मीडिया सप्लाई करती है और इसके 40 देशों में 400 से ज्यादा माइनिंग क्लाइंट्स हैं। इस डील से Tega को वैश्विक बाजार में विस्तार का मौका मिला।

हालांकि तिमाही में कंपनी की बिक्री ₹409 करोड से थोड़ा घटकर ₹404 करोड़ रह गई। वहीं, मुनाफा ₹54 करोड़ से घटकर ₹20 करोड़ हो गया।

Ujjivan Small Finance Bank

Ujjivan Small Finance Bank का फोकस उन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने पर है जहां बैंकिंग की पहुंच कम है। कंपनी फाइनेंशियल इन्क्लूजन पर काम करती है।

इस बैंक में DIIs ने तिमाही के दौरान अपनी हिस्सेदारी 8.54 प्रतिशत बढ़ाकर 28.7 प्रतिशत कर ली, जो इस लिस्ट में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है।

बैंक का ग्रॉस लोन बुक 21.6 प्रतिशत बढ़कर ₹37,057 करोड़ हो गया। तिमाही में लोन डिस्बर्समेंट ₹8,293 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। माइक्रो बैंकिंग लोन 62.4 प्रतिशत बढ़कर ₹4,688 करोड़ हो गए। वहीं अफोर्डेबल हाउसिंग लोन बुक 40.3 प्रतिशत बढ़कर ₹8,231 करोड हो गई। बैंक का तिमाही मुनाफा ₹109 करोड से बढ़कर ₹186 करोड़ हो गया।

क्या निवेशकों को लगाना चाहिए दांव?

एक्सपर्ट के मुताबिक, सिर्फ इस आधार पर निवेश सही नहीं होता कि किसी शेयर में DIIs ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। संस्थागत निवेशक अक्सर लंबी अवधि की रणनीति, सेक्टर ट्रेंड और वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं। इसलिए उनका फैसला हर छोटे निवेशक के लिए तुरंत सही साबित हो, यह जरूरी नहीं है।

निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स, रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफा, कर्ज की स्थिति, वैल्यूएशन और बिजनेस मॉडल जैसे पहलुओं का भी सावधानी से विश्लेषण करना चाहिए। साथ ही माइक्रोकैप स्टॉक्स में उतार चढ़ाव ज्यादा होता है। इसलिए निवेश से पहले जोखिम क्षमता और लंबी अवधि का नजरिया रखना जरूरी है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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