FPI की बिकवाली ने DII को दिया मौका, होल्डिंग गैप आया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

घरेलू स्टॉक मार्केट में अब विदेशी निवेशकों से अधिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) का दबदबा बढ़ता जा रहा है। जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक देशी-विदेशी निवेशकों के बीच के होल्डिंग का फर्क अब रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इसकी वजह ये है कि म्यूचुअल फंड जैसे डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) आक्रामक तरीके से स्टॉक मार्केट में पैसे डाल रहे हैं तो दूसरी तरफ फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FII) फिलहाल बिकवाली कर रहे हैं

अपडेटेड Jul 31, 2024 पर 12:44 PM
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NSE पर लिस्टेड कंपनियों में FPIs की हिस्सेदारी मार्च तिमाही में 17,72 फीसदी से घटकर जून तिमाही में 17.38 फीसदी पर आ गई जो 12 साल का निचला स्तर है। वहीं दूसरी तरफ DII की हिस्सेदारी बढ़कर 16.23 फीसदी पर पहुंच गई।

घरेलू स्टॉक मार्केट में अब विदेशी निवेशकों से अधिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) का दबदबा बढ़ता जा रहा है। जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक देशी-विदेशी निवेशकों के बीच के होल्डिंग का फर्क अब रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इसकी वजह ये है कि म्यूचुअल फंड जैसे डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) आक्रामक तरीके से स्टॉक मार्केट में पैसे डाल रहे हैं तो दूसरी तरफ फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FII) फिलहाल बिकवाली कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में ताबड़तोड़ पैसे आने की वजह से ही DII की होल्डिंग बढ़ रही है। उनका मानना है कि जल्द ही उनकी होल्डिंग विदेशी निवेशकों की होल्डिंग को पीछे छोड़ सकती है।

मार्च 2015 में रिकॉर्ड लेवल पर था FII और DII होल्डिंग गैप

प्राइमइंफोबेस पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक इसके चलते NSE पर लिस्टेड कंपनियों में FPIs की हिस्सेदारी मार्च तिमाही में 17,72 फीसदी से घटकर जून तिमाही में 17.38 फीसदी पर आ गई जो 12 साल का निचला स्तर है। वहीं दूसरी तरफ DII की हिस्सेदारी बढ़कर 16.23 फीसदी पर पहुंच गई। म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 9.52 फीसदी पर पहुंच गई जो रिकॉर्ड ऊंचा स्तर है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इस आक्रामक खरीदारी के चलते डीआईआई की होल्डिंग विदेशी निवेशकों की होल्डिंग की तुलना में महज 1.15 फीसदी कम रह गई। अब तक का सबसे बड़ा गैप मार्त 2015 में था जब FPIs की तुलना में DII की होल्डिंग 10.3 फीसदी कम थी।


प्रमोटर होल्डिंग्स में गिरावट

न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग के मुताबिक जून तिमाही में एफपीआई ने 100 करोड़ डॉलर के शेयर बेचे जबकि DII ने 1.25 लाख करोड़ रुपये रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी स्टॉक मार्केट में बढ़ी है। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट प्रमोटर होल्डिंग्स गिरकर 40.88 फीसदी पर आ गई जो करीब 7 साल का निचला स्तर है। खुदरा और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल निवेशकों की हिस्सेदारी में मामूली बढ़ोतरी हुई। जून तिमाही में इनकी हिस्सेदारी 9.52 फीसदी से बढ़कर 9.62 फीसदी पर पहुंच गई। निफ्टी 50 की बात करें तो जून तिमाही में यह 7.54 फीसदी मजबूत हुआ था जबकि मार्च 2024 में 2.74 फीसदी ऊपर चढ़ा था। लगातार पांच तिमाही में निफ्टी मजबूत हुआ है।

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