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Vehicle Scrapping Policy: पुरानी कार स्‍क्रैप कराने पर मिलेगी छूट, सिर्फ दिखाना होगा स्क्रैपेज सर्टिफिकेट

Scrapping Policy: ऑटो निर्माताओं ने एक या दो साल की सीमित अवधि के लिए पुराने वाहन के स्क्रैपेज सर्टिफिकेट के बदले कमर्शियल और पैसेंजर वाहनों पर 1.5 फीसदी से 3 फीसदी के बीच छूट देने पर सहमति जताई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 28, 2024 पर 7:13 PM
Vehicle Scrapping Policy: पुरानी कार स्‍क्रैप कराने पर मिलेगी छूट, सिर्फ दिखाना होगा स्क्रैपेज सर्टिफिकेट
इस योजना का लाभ उठाने के लिए खरीदारों को स्क्रैपेज सर्टिफिकेट जमा करना होगा। स्क्रैप किए गए वाहन का विवरण राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर में भी दर्ज करना होगा जिसे वाहन सिस्टम कहा जाता है

क्या आपका फेस्टिव सीजन में नई कार खरीदने का प्लान है? अगर हां, तो एक बार अपनी पुरानी कार की स्क्रैप वैल्यू  भी जान लें । हो सकता है आपको थोड़ा एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल जाए। कार कंपनियां सरकार के उस प्रस्ताव पर सहमत हो गई हैं जिनमें गाड़ियों के स्क्रैपिंग के बदले अतिरिक्त डिस्काउंट देने की बात है। इस पर ज्यादा डिटेल देते हुए सीएनबीसी-आवाज के रोहन सिंह ने बताया कि जल्द ही पुरानी गाड़ी दो, नई गाड़ी पर छूट लो के ऑफर देखने को मिल सकते हैं। पुरानी गाड़ी स्क्रैप में देने पर नई गाड़ी पर छूट मिल सकती है। पुरानी गाड़ी के बदले नई गाड़ी पर 1.5-3 फीसदी छूट संभव है।

रोहन ने बताया कि इसके आपको सिर्फ रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर से मिला सर्टिफिकेट दिखाना होगा। अभी कमर्शियल गाड़ियों पर 2 साल तक छूट देने की बात चल रही है। वहीं, पैसेंजर गाड़ियों पर 1 साल तक छूट देने की बात हो रही है। पैसेंजर पर 1.5 फीसदी और कमर्शियल गाड़ियों पर 3 फीसदी तक छूट संभव है। रोहन के बताया कि ये अधिकतम छूट 20,000 रुपए तक हो सकती है। मारुति, टाटा, हुंडई, KIA, MG जैसी कंपनियां अतिरिक्त छूट देंगी। आने वाले दिनों में दूसरी बड़ी कंपनियां भी ऐसी घोषणा कर सकती हैं।

ऑटो निर्माताओं ने एक या दो साल की सीमित अवधि के लिए पुराने वाहन के स्क्रैपेज सर्टिफिकेट के बदले कमर्शियल और पैसेंजर वाहनों पर 1.5 फीसदी से 3 फीसदी के बीच छूट देने पर सहमति जताई है।मंगलवार को भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माताओं और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई बैठक के बाद इस निर्णय की घोषणा की गई।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए खरीदारों को स्क्रैपेज सर्टिफिकेट जमा करना होगा। स्क्रैप किए गए वाहन का विवरण राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर में भी दर्ज करना होगा जिसे वाहन सिस्टम कहा जाता है।

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