दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: पिछले 18 में से 15 बार मिला बंपर रिटर्न! इस बार की स्पेशल ट्रेडिंग में क्या होगा खास? जानें

Muhurat Trading 2026: दिवाली पर शेयर बाजार में निवेश की पुरानी परंपरा के अनुसार, BSE और NSE ने 'मुहूर्त ट्रेडिंग 2026' का आधिकारिक टाइम-टेबल जारी कर दिया है। संवत 2083 की शुभ शुरुआत के लिए इस बार रविवार, 8 नवंबर को शेयर बाजार में स्पेशल ट्रेडिंग होगी। पिछले 18 सालों में 15 बार हरे निशान पर बंद होने वाली इस ट्रेडिंग में आखिर इस बार क्या खास रहने वाला है? जानिए ट्रेड करने की सही टाइमिंग, ब्लॉक डील विंडो और क्लोजिंग का पूरा शेड्यूल

अपडेटेड Oct 20, 2026 पर 2:06 PM
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जानें ट्रेडिंग की टाइमिंग, ब्लॉक डील विंडो और क्लोजिंग का पूरा शेड्यूल

Diwali Muhurat Trading 2026: भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए दिवाली का दिन बेहद खास होता है। इस दिन BSE और NSE पर आयोजित होने वाले विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग में हर कोई अपना पसंदीदा स्टॉक खरीदना चाहता है। इस दिन मार्केट में निवेश को काफी शुभ शगुन माना जाता है।

इस साल दिवाली रविवार, 8 नवंबर को है। SEBI ने इस दिन होने वाले स्पेशल ट्रेडिंग सेशन को लेकर समय का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। आईएए आपको बताते हैं इस साल के मुहूर्त ट्रेडिंग की हर एक डिटेल।

क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा टाइम-टेबल?


सामान्य दिनों की तरह सुबह 9:15 बजे से शाम 3:30 बजे की बजाय, यह सत्र एक स्पेशल समयावधि में संचालित होता है। सर्कुलर के अनुसार शेड्यूल इस प्रकार है:

  • लॉगिन विंडो: दोपहर 1:15 बजे से 1:50 बजे तक
  • ब्लॉक डील विंडो: दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक
  • प्री-ओपनिंग सेशन: दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक
  • नियमित ट्रेडिंग: दोपहर 2:20 बजे से शाम 3:30 बजे तक
  • कॉल ऑक्शन सेशन: दोपहर 2:25 बजे से 3:20 बजे तक
  • क्लोजिंग सेशन: शाम 3:30 बजे से 3:50 बजे तक
  • पोस्ट-क्लोजिंग सेशन: शाम 3:50 बजे से 4:00 बजे तक

यह विशेष ट्रेडिंग इक्विटी, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, F&O और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) समेत सभी सेगमेंट में उपलब्ध रहेगी।

इस बार की मुहूर्त ट्रेडिंग में क्या होगा खास?

वीकेंड होने के बावजूद दिवाली के अवसर पर दलाल स्ट्रीट के दरवाजे निवेशकों के लिए खुलेंगे। पिछले 18 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 मौकों पर भारतीय शेयर बाजार बढ़त यानी हरे निशान के साथ बंद हुए हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग के इतिहास में सबसे बड़ा उछाल 28 अक्टूबर 2008 को आया था, जब वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद बाजार में करीब 6% की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई थी। पिछले साल यानी 2025 में यह सत्र 21 अक्टूबर को आयोजित हुआ था और बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था।

खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशक (DIIs/FIIs) इस दिन नए वित्तीय वर्ष में समृद्धि और सौभाग्य के लिए नए शेयरों में खरीदारी करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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