Dixon Tech share price : डिक्सन-वीवो जॉइंट वेंचर को मंजूरी की खबर ने भरा जोश, 5% भागा शेयर

Dixon Tech share price: सूत्रों के मुताबिक सरकार इस महीने डिक्सन-वीवो जॉइंट वेंचर डील को मंजूरी दे सकती है। नोएडा में वीवो की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट इस प्रस्तावित वेंचर का हिस्सा बन सकती है,जिससे भारत में इस चाइनीज कंपनी का रिस्क कम हो जाएगा। यह यूनिट भारत में वीवो के स्मार्टफोन के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ऑर्डर का कुछ हिस्सा बनाएगी

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 1:28 PM
Dixon Tech share price: इंट्राडे में आज यह शेयर 5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। डिक्सन टेक पर जेपी मॉर्गन का नजरिया भी बुलिश है

Dixon Tech share price : जेपी मॉर्गन (JP Morgan) की बुलिश रिपोर्ट के बाद डिक्सन टेक में शानदार तेजी है। इंट्राडे में आज यह शेयर 5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। फिलहाल, 1 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 573 रुपए यानी 4.68 फीसदी की तेजी के साथ 12802 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 12,888 रुपए और दिन का लो 12,325 रुपए है। इसका 52 वीक हाई 18,471 रुपए और 52 वीक लो 9,600 रुपए है। बुधवार डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में यह बढ़त इस खबर के चलते हुई है कि सरकार इस महीने कंपनी और चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी वीवो के बीच लंबे समय से अटके जॉइंट वेंचर को मंजूरी दे सकती है। इस शेयर में पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से बढ़त हो रही है।

डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ और वीवो ने दिसंबर 2024 में एक जॉइंट वेंचर बनाने के लिए समझौता किया था,जिसमें डिक्सन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। PTI ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर बताया है कि मंत्रालयों के बीच बनी एक समिति ने इस डील को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उचित प्रक्रिया के बाद MeitY इसे मंजूरी देगा। प्रस्तावित जॉइंट वेंचर स्मार्टफोन समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने पर फोकस करेगा।

सरकार इस महीने डिक्सन-वीवो जॉइंट वेंचर डील को दे सकती है मंजूरी


सूत्रों के मुताबिक सरकार इस महीने डिक्सन-वीवो जॉइंट वेंचर डील को मंजूरी दे सकती है। नोएडा में वीवो की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट इस प्रस्तावित वेंचर का हिस्सा बन सकती है,जिससे भारत में इस चाइनीज कंपनी का रिस्क कम हो जाएगा। यह यूनिट भारत में वीवो के स्मार्टफोन के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग (OEM) ऑर्डर का कुछ हिस्सा बनाएगी और दूसरे ब्रांड्स के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के लिए भी OEM का काम करेगी।

फिलहाल भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में वीवो (Vivo) का दबदबा है। अनुमान है कि 2025 में इसने 3.5 करोड़ हैंडसेट बेचे हैं। इस अवधि में डिक्शन का मोबाइल फोन प्रोडक्शन वॉल्यूम लगभग 3.2 करोड़ यूनिट रहा है।

डिक्शन टेक्नोलॉजीज (Dixon Technologies) ने 2025-26 में 48,873 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। इसमें मोबाइल फोन और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का योगदान 44,257 करोड़ रुपये रहा।

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डिक्सन टेक पर जेपी मॉर्गन की बुलिश रिपोर्ट

डिक्सन टेक पर जेपी मॉर्गन का नजरिया बुलिश है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ओवरवेट कॉल देते हुए, इसके लिए 12,700 रुपए प्रति शेयर का टारगेट सेट किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी को वीवो इंडिया के 3.5 करोड़ यूनिट वॉल्यूम में से 2.2 करोड़ वॉल्यूम मिलने की उम्मीद है। इस JV से 30,000 करोड़ रुपए तक रेवेन्यू जुड़ने की संभावना है। मौजूदा मोबाइल पोर्टफोलियो की तुलना में ज्यादा ASP की उम्मीद है। जून में मंजूरी मिलने पर Q3 में ऑपरेशंस शुरू होने की उम्मीद है। इस JV से FY27 में 1.1 करोड़ और FY28 में 2.2 करोड़ यूनिट का वॉल्यूम संभव है। इससे कंपनी के FY27-28 के रेवेन्यू अनुमान में 24-39% तक बढ़ोतरी संभव है। 51:49 JV स्ट्रक्चर के चलते EPS अनुमान में 13-18% सुधार की उम्मीद है।

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