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Short Call: डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी का असर मार्केट पर भी पड़ सकता है, Oberoi Realty और Bajaj Auto क्यों सुर्खियों में हैं?

पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद डॉलर में मजबूती देखने को मिली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जनवरी में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूती बढ़ सकती है। इससे रुपये पर भी दबाव बढ़ सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 05, 2024 पर 11:48 AM
Short Call: डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी का असर मार्केट पर भी पड़ सकता है, Oberoi Realty और Bajaj Auto क्यों सुर्खियों में हैं?
SBI के एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर रुपये में 8-10 फीसदी कमजोरी आ सकती है।

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट है। यह गिरकर 84.76 के ऑल-टाइम लो लेवल पर आ गया है। यह चिंता की बात है। अगर इंडियन स्टॉक मार्केट में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है तो रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है। रुपये में कमजोरी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत है। ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। इससे दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूत देखने को मिली है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ब्रिक्स देश डॉलर की जगह इस्तेमाल करने के लिए कोई नई करेंसी शुरू करते हैं तो वह इन देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देंगे।

कुछ हफ्तों से रुपये पर बढ़ा है दबाव

अभी ब्रिक्स देशों के लिए कॉमन करेंसी की संभावना नहीं दिख रही। इसकी वजह यह है कि ब्रिक्स के देश विकास के अलग-अलग चरण में हैं। इसलिए डॉलर (Dollar) के लिए जल्द कोई खतरा नहीं दिख रहा। लेकिन, ट्रंप की धमकी का असर डॉलर पर दिखा है। डॉलर में मजबूती देखने को मिली है। इसका असर रुपये पर भी पड़ा है। रुपये में पिछले कुछ हफ्तों में काफी गिरावट आई है।

8-10 फीसदी की आ सकती है गिरावट

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