डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट है। यह गिरकर 84.76 के ऑल-टाइम लो लेवल पर आ गया है। यह चिंता की बात है। अगर इंडियन स्टॉक मार्केट में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है तो रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है। रुपये में कमजोरी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत है। ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। इससे दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूत देखने को मिली है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ब्रिक्स देश डॉलर की जगह इस्तेमाल करने के लिए कोई नई करेंसी शुरू करते हैं तो वह इन देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देंगे।
