Dollar के मुकाबले क्या रुपया गिरकर 100 पर आ जाएगा? जानिए क्या हैं एनालिस्ट्स के जवाब

बीते एक साल में रुपया करीब 10 फीसदी गिरा है। इस पर लगातार दबाव बना रहा है। यह बीते कुछ महीनों में एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन वाली करेंसी में शामिल है। मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि, यह पहले से ही गिर रहा था

अपडेटेड Apr 01, 2026 पर 5:43 PM
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RBI ने रुपये को गिरने से बचाने की कोशिश की है। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

बीते कुछ हफ्तों में डॉ़लर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट आई है। खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद से रुपये पर दबाव बढ़ा है। रुपये में गिरावट में डॉलर में मजबूती का भी हाथ है। सवाल है कि क्या रुपया गिरकर 100 के लेवल पर आ जाएगा?

डॉलर के मुकाबले रुपये में बढ़ सकती है कमजोरी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी बढ़ सकती है। यह 100 के लेवल की तरफ बढ़ सकता है। ब्लूमबर्ग ने ग्लोबल एनालिस्ट्स और मार्केट इंडिकेटर्स के हवाले से बताया है कि अगर ईरान से लड़ाई जारी रहती है तो डॉलर के मुकाबले रुपया 100 के लेवल की तरफ बढ़ सकता है।


बीते एक साल में 10 फीसदी गिरा है रुपया

बीते एक साल में रुपया करीब 10 फीसदी गिरा है। इस पर लगातार दबाव बना रहा है। यह बीते कुछ महीनों में एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन वाली करेंसी में शामिल है। मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि, यह पहले से ही गिर रहा था। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, वेल्स फार्गो और वैनइक के एनालिस्ट्स ने कहा है कि क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रहने पर रुपये में कमजोरी बढ़ सकती है।

रुपये पर पड़ रहा महंगे क्रूड का असर 

इंडिया क्रूड ऑयल की अपनी जरूरत के लिए इंपोर्ट पर काफी ज्यादा निर्भर है। क्रूड की कीमतें ज्यादा होने पर भारत का आयात बिल बढ़ जाता है। इससे करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ता है। इससे इनफ्लेशन बढ़ता है। इन वजहों से रुपये में कमजोरी बढ़ती है। अभी क्रूड की कीमतों में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिली है। पश्चिम एशिया में लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड करीब 44 फीसदी चढ़ चुका है। एक समय तो यह 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।

आरबीआई की कोशिशों का असर नहीं

RBI ने रुपये को गिरने से बचाने की कोशिश की है। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है। पिछले महीने केंद्रीय बैंक ने ऑनशोर करेंसी मार्केट में बैंकों की एंड-ऑफ-डे पोजीशन के लिए 10 करोड़ डॉलर की लिमिट तय कर दी। लेकिन, इसका ज्यादा फायदा नहीं दिखा। इस फैसले के अगले दिन रुपया 1.4 फीसदी तक चढ़ा। लेकिन बाद में उसी दिन यह गिरकर 95.12 पर आ गया था।

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जून अंत तक 100 तक जा सकता है रुपया

इक्विटी ग्रुप में फाइनेंशियल मार्केट रिसर्च के हेड अहमद आजम ने कहा, "डॉलर के मुकाबले रुपये का 100 का लेवल ज्यादा दूर नहीं दिख रहा। अगर मौजूदा स्थितियां बनी रहती हैं तो ऐसा हो सकता है।" डेरिवेटिव मार्केट से भी रुपये में और गिरावट का संकेत मिलता है। ब्लूमबर्ग का डेटा बताया है कि रुपये में और करीब 13 फीसदी की गिरावट आ सकती है। इससे जून के अंत तक यह गिरकर 100 के लेवल तक जा सकता है।

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