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डॉलर में कमजोरी के बावजूद रुपये में क्यों नहीं आ रही मजबूती?

RBI ने मई में फॉरेन एक्सचेंज मार्केट से 1.7 अरब डॉलर खरीदे थे। करेंसी डीलर्स का मानना है कि मई के बाद भी आरबीआई की डॉलर की खरीदारी जारी रही है। दरअसल, आरबीआई ने डॉलर में 88 अरब डॉलर की शॉर्ट पोजीशन ली थी। वह फ्यूचर्स डेट्स पर ये डॉलर बेचने वाला है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 25, 2025 पर 6:11 PM
डॉलर में कमजोरी के बावजूद रुपये में क्यों नहीं आ रही मजबूती?
RBI ने मई में फॉरेन एक्सचेंज मार्केट से 1.7 अरब डॉलर खरीदे थे। करेंसी डीलर्स का मानना है कि मई के बाद भी आरबीआई की डॉलर की खरीदारी जारी रही है।

डॉलर इंडेक्स जुलाई में करीब 1 फीसदी गिरा है। इससे 2025 में डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट 10 फीसदी तक पहुंच गई है। डॉलर में लगातार कमजोरी का मतलब है कि दूसरी खासकर एशियाई देशों की करेंसी में मजबूती आई है। लेकिन, रुपये को इसका फायदा नहीं मिला है। जुलाई में रुपया आधा फीसदी कमजोर हुआ है। इस साल जनवरी से ही रुपये पर दबाव बना हुआ है। डॉलर में आई कमजोरी का फायदा रुपये को नहीं मिला है। इसकी वजह क्या हो सकती है?

मई से डॉलर खरीद रहा आरबीआई

RBI ने मई में फॉरेन एक्सचेंज मार्केट से 1.7 अरब डॉलर खरीदे थे। करेंसी डीलर्स का मानना है कि मई के बाद भी आरबीआई की डॉलर की खरीदारी जारी रही है। सवाल है कि आरबीआई डॉलर क्यों खरीद रहा है, खासकर तब जबकि पिछले कुछ महीनों में मार्केट में विदेशी निवेशको की बिकवाली हुई है। ऐसे आरबीआई को तो डॉलर बेचना चाहिए। इसका जवाब यह है कि आरबीआई ने फॉरवर्ड बाजार में डॉलर में काफी शॉर्ट पोजीशन ली थी।

आरबीआई ने डॉलर में ली है शॉर्ट पोजीशन

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