आईईएक्स के शेयरों में 25 जुलाई को अच्छी रिकवरी दिखी। दोपहर बाद यह स्टॉक करीब 12 फीसदी का उछाल दिखा रहा था। इससे आईईएक्स के इनवेस्टर्स को काफी राहत मिलती है। 24 जुलाई को इस स्टॉक में बड़ गिरावट आई थी। इसकी वजह सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी (सीईआरसी) का 23 जुलाई का एक आदेश है। सीईआरसी ने एनर्जी की कीमतें तय करने के लिए मार्केट कपलिंग मेथड के इस्तेमाल का ऐलान किया है। इस मेथड का असर आईएक्स के बिजनेस पर पड़ेगा।
आदेश को कोर्ट में चैलेंज करने पर अभी फैसला नहीं
IEX के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित बजाज ने 25 जुलाई को कंपनी के प्रदर्शन और उस पर मार्केट कपलिंग के संभावित असर के बारे में कई बातें बताईं। उन्होंने सीईआरसी के आदेश को कोर्ट में चैलेंज करने की संभावनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में बताना जल्दबाजी होगी कि कंपनी सीईआरसी के आदेश को कोर्ट में चैलेंज करेगी या नहीं। सीईआरसी के आदेश के बाद कंपनी ने कहा था कि वह अभी आदेश का अध्ययन कर रही है।
रियल टाइम मार्केट कपलिंग बाद में होगी
उन्होंने कहा कि रियल टाइम मार्केट्स में कपलिंग बाद में होगी। अभी का प्रोसेस सिर्फ डे-अहेड मार्केट (डीएएम) के लिए है। हालांकि, उन्होंने यह माना कि सीईआरसी के कदम का असर आईईएक्स पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता बढ़ने की संभावना के चलते आईएक्स में डे-मार्केट अहेड का कंट्रिब्यूशन घटना शुरू हो चुका है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि मार्कट कपलिंग का कितना असर आईईएक्स के बिजनेस पर पड़ेगा।
आईएक्स ट्रांजेक्शन चार्ज घटा सकती है
बजाज ने कहा कि CERC का आदेश अगले साल जनवरी से लागू होगा। इसलिए अभी यह बताना मुश्किल है कि इसका कितना असर IEX के बिजनेस पर पड़ेगा। उन्होंने प्रतियोगिता बढ़ने की स्थिति में उससे निपटने के संभावित तरीके के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्थिति का सामना करने के लिए आईईएक्स ट्रांजेक्शन चार्ज को घटाएगी। इससे उसे कॉम्पिटिशन में बने रहने में मदद मिलेगी।
सीईआरसी का कहना है कि मार्केट कपलिंग से प्राइस डिस्कवरी में मदद मिलेगी। इससे रियल टाइम मार्केट या डे-अहेड के लिए एक समान मार्केट क्लियरिंग प्राइस मिलेगा। इससे ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो सकेगा। इसे एनर्जी एक्सचेंजों में बड़े रिफॉर्म्स के रूप में देखा जा रहा है। यह माना जा रहा है कि इससे अलग-अलग ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रिसिटी का समान प्राइस होगा।
मार्केट कपलिंग में बिड्स और ऑफर सभी पावर एक्सचेंजों से पहले कलेक्ट होता है। इसके बाद उसे एग्रीगेट किया जाता है। इससे डे अहेड या रियल टाइम मार्केट के लिए एक क्लियरिंग प्राइस निकलता है। अभी स्पॉट इलेक्ट्रिसिटी प्राइस डिस्कवरी के लिए IEX इंडिया का पहला प्लेटफॉर्म है। सीईआरसी ने चार महीने पायलट प्रोग्राम के बाद आदेश दिया है। दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच इस पायलट प्रोजेक्ट को अंजाम दिया गया।