शेयर बाजार में इस समय भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दुनियाभर के इक्विटी बाजार पर प्रभाव डालने वाले यूएस मार्केट में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच पिछले 1 महीने में 9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 25 जनवरी 2022 को S&P 500 1.2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
अगर घरेलू बाजार पर नजर डालें तो करीब 1 हफ्ते में सेंसेक्स 6 फीसदी के आसपास टूटा है। दिग्गजों की तरह ही छोटे-मझोले शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है और यह करीब 8 फीसदी टूटे है। ओमीक्रोन वेरिएंट के मामलों में हो रही बढोतरी के चलते बाजार में नेगेटिविटी बढ़ती दिखी है। इसके अलावा यूएस फेड की मीटिंग के फैसले आज आने वाले है। जिससे पहले बाजार में काफी अफरातफऱी मिली है।
इस बीच पूर्वी यूरोप और पश्चिमी एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव भी बढ़ता नजर आया है। इस सबका असर बाजार पर देखने को मिला है। इसके अलावा 1 फरवरी 2022 को आनेवाला यूनियन बजट भी बाजार पर अपना प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में आइए हम देखते है कि अगर बाजार में इसी तरह का भारी उतार-चढ़ाव जारी रहता है तो हमें क्या रणनीति अपनानी चाहिए।
Plan Rupee Investment Services के अमोल जोशी कहना है कि अगर आपके निवेश से आपके लक्ष्य के आसपास का रिटर्न मिल रहा है तो कुछ मुनाफावसूली कर अपनी जेब में रख लें औऱ मुनाफे के पैसे को कम वोलैटिलिटी वाले निवेश विक्लप में डाल दें। इसके अलावा आप अपने फंड को किसी बड़े बैंक के फिकस्ड डिपॉजिटी में डाल सकते है या इसको किसी लिक्विडट फंड और ओवरनाइट फंड में डाल सकते है। इस तरह के इस्ट्रूमेंट में रिटर्न तो कम मिलता है लेकिन इनमें बहुत जोखिम नहीं होता। हालांकि ऐसे निवेशक जो अपने लक्ष्य से दूर है उनको घबराने की जरुरत नहीं है और निवेशित बने रहें।
अमोल जोशी का कहना है कि बाजार अक्सर पहले से होने वाली घटानाओं को पचा लेता है। इस आधार पर अगर बाजार में यूएस फेड की मीटिंग के असर को पचा लिया है तो हमे निवेशित बने रहना चाहिए।
क्या आपको और खरीदारी करनी चाहिए?
इस करेक्शन में गिरावट का अच्छा मौका हो सकता है। जो लोग एसआईपी के जरिए या STP के जरिए निवेश करते है वो एकमुश्त आधार पर वर्तमान लेवल पर अतरिक्त निवेश कर सकते है। उनको शेयरों की कीमत में गिरावट का फायदा मिलेगा। जानेमाने इन्वेस्टमेंट एडवाइजर Kalpesh Ashar का कहना है कि इस समय घबराने की कोई वजह नजर नहीं आती। पिछले 2 साल की जोरदार रैली को देखते हुए हाल की गिरावट कोई बड़ा करेक्शन नहीं है। कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार के संकेत नजर आ रहा है औऱ यह बाजार के लिए भी एक शुभ संकेत है।
आईपीओ निवेश में क्या करें?
हाल में लिस्टेड तमाम कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। नायका का शेयर प्राइस अपने हाई से 21 फीसदी टूट गया है। हालांकि यह स्टॉक अभी भी अपने इश्यू प्राइस से 48 फीसदी ऊपर है। इसी तरह जौमेटो के आईपीओ को निवेशकों से बड़ा सपोर्ट मिला था। यह स्टॉक अपने हाई से 41 फीसदी फिसल गया है लेकिन अभी भी यह अपने इश्यू प्राइस से 31 फीसदी ऊपर है। ऐसे में निवेशक इस गिरावट में ऐसे अच्छे शेयरों का चुनाव कर सकते है जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत है और जिनके फंडामेटल में कोई बदलाव नहीं आया है।
HDFC Securities के Deepak Jasani का कहना है कि निवेशको को किसी आईपीओ में बड़े घाटे से बचने के लिए अपने दिमाग में मानसिक स्टॉपलॉस बनाए रखना चाहिए। उदाहरण के लिए किसी आईपीओ में निवेश करते समय निवेशकों को अपने दिमाग में यह तय कर लेना चाहिए कि मैं इस आईपीओ में 2000 रुपये से ज्यादा का नुकसान नहीं उठाऊंगा । इससे यह होगा कि आप किसी एक आईपीओ में फंस कर नहीं रह जाएगे और जरुरत होगी तो आप घाटा देने वाले आईपीओ से निकलकर ज्यादा बेहतर आईपीओ में पैसे लगा सकेंगे।
Deepak Jasani ने आगे कहा कि निवेशकों को उन कंपनियों के आईपीओ को लेकर सर्तक रहना चाहिए जिसका बिजनेस मॉडल उनको समझ में नहीं आता। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान पेटीएम के शेयरों में 17 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है । इस समय यह स्टॉक अपने इश्यू प्राइस से 57 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी निवेशक ने इस आईपीओ में 12900 रुपये का मिनियम निवेश किया होगा तो वह 7353 रुपये के घाटे में होगा। तमाम ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के बिजनेस मॉडल की मजबूती और इसके मुनाफे में लौटने की संभावनाओं को लेकर चिंताएं जताई है।