मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 46वीं एन्युअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 अगस्त को होगी। कंपनी ने 4 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों को यह जानकारी दी। कंपनी ऑयल और टेलीकॉम के अलावा कई और सेक्टरों में बिजनेस करती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए डिविडेंड पाने के योग्य शेयरहोल्डर्स का चुनाव करने के लिए 21 अगस्त को 'रिकॉर्ड डेट' तय की है।
RIL ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि अगर डिविडेंड का ऐलान AGM में होता है, तो इसका भुगतान मीटिंग खत्म होने से एक हफ्ते के भीतर हो जाएगा। कंपनी के मुताबिक, AGM में पेश किए गए प्रस्तावों पर वोट करने के योग्य सदस्यों का चुनाव करने के लिए भी 21 अगस्त की तारीख तय की गई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कुछ ही दिनों पहले अपनी फाइनेंशियल सर्विसेज यूनिट का डीमर्जर किया है। नई इकाई का नाम जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) है। इसकी वैल्यूएशन 20 अरब डॉलर आंकी गई है। 20 जुलाई को 'प्री-ओपन कॉल ऑक्शन' में कंपनी के शेयर का भाव 261.85 रुपये तय किया गया था।
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस द्वारा डीमर्जर के फैसले को फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में कंपनी के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। इस कंपनी का लाइसेंस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के तौर पर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल अपनी 45वीं AGM में कई अहम ऐलान किए थे। इसके तहत, 5जी सर्विसेज को लॉन्च करने से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया गया था, जबकि एयरफाइबर सर्विस (AirFiber service) को लॉन्च करने के लिए मेटा (Meta) और गूगल (Google) के साथ हाई-प्रोफाइल पार्टनरशिप के बारे में भी घोषणा की गई थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( BSE) में 4 अगस्त को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.42 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 2,510.50 रुपये पर बंद हुआ।