Engineers India Stocks: डायवर्सिफिकेशन पर फोकस का मिलेगा फायदा, क्या अभी शेयरों में निवेश करने का सही समय है?

Engineers India की करीब 12,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक को देखते हुए अगले तीन से चार सालों में इसके रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही। साल दर साल आधार पर यह 40 फीसदी बढ़ी

अपडेटेड Aug 22, 2025 पर 3:07 PM
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पिछले 6 महीनों में यह स्टॉक 16 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।
     
     
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    क्या आप स्टॉक की तलाश में जिसमें गिरावट की संभावना कम है? आपका जवाब हां है तो आप इंजीनियर्स इंडिया के शेयरों में इनवेस्ट कर सकते हैं। इसमें डाउनसाइड रिस्क कम है। न्यूक्लियर और क्लीन एनर्जी पर फोकस बढ़ाने से इस स्टॉक की री-रेटिंग हो सकती है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन कैपेबिलिटी अच्छी है। कंपनी अपने बिजनेस का डायवर्सिफिकेशन कर रही है।

    12000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक

    Engineers India की करीब 12,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक को देखते हुए अगले तीन से चार सालों में इसके रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही। साल दर साल आधार पर यह 40 फीसदी बढ़ी। एबिड्टा मार्जिन 8 फीसदी रहा। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 41 फीसदी का इजाफा देखने को मिला। कंसल्टेंसी बिजनेस इंजीनियर्स इंडिया के लिए सबसे अहम है। इस बिजनेस में मार्जिन करीब 17 फीसदी है।


    डायवर्सिफिकेशन पर फोकस का फायदा

    कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि कंसल्टेंसी बिजनेस में मार्जिन मीडियम टर्म में 20-25 फीसदी बनी रह सकती है। टर्नकी प्रोजेक्ट्स में भी कंपनी का मार्जिन 5-7 फीसदी है, जबकि आम तौर पर ऐसे प्रोजेक्ट्स में मार्जिन कम रहता है। कंपनी ने डायवर्सिफिकेशन पर फोकस बढ़ाया है। अब कंपनी का करीब 40 फीसदी रेवेन्यू नॉन-हाइड्रोजन सेगमेंट से आता है। कंपनी न्यूक्लियर सेक्टर में दाखिल हो रही है। इसने NPCIL से एक कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।

    इंटरनेशनल मार्केट्स में अच्छी मौके

    न्यूक्लियर सेक्टर में दाखिल होने से न सिर्फ कंपनी को अपने बिजनेस के डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलेगी बल्कि इससे ग्रोथ को भी सपोर्ट मिलेगा। इस बिजनेस में लंबी अवधि के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं। इंजीनियर्स इंडिया की ग्रोथ बढ़ाने में क्लीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और फॉरेन मार्केट्स की भूमिका बढ़ सकती है। इस साल अब तक कंपनी ने करीब 950 करोड़ रुपये के इंटरनेशनल ऑर्डर्स हासिल किए हैं। कंपनी के लिए मिडिल-ईस्ट सबसे ज्यादा संभावना वाला क्षेत्र बना हुआ है।

    FY28 तक 5000 करोड़ टर्नओवर का टारगेट

    इंजीनियर्स इंडिया के लिए घरेलू बाजार में रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स में अच्छे मौके हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने इस फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू ग्रोथ 15 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। अगर एग्जिक्यूशन की रफ्तार बढ़ती है तो यह ग्रोथ ज्यादा रह सकती है। कंपनी ने FY28 तक 5,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर का टारगेट तय किया है। इससे कंपनी के मजबूत आत्मविश्वास का पता चलता है। इसके पास 1,100 करोड़ रुपये का कैश है। कंपनी लगातार अच्छा डिविडेंड दे रही है, जिससे इसकी बैलेंसशीट के स्ट्रेंथ का पता चलता है।

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    क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

    Engineers India के शेयरों में FY27 की अनुमानति अर्निंग्स के करीब 15 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। आगे अच्छी अर्निंग्स की उम्मीद है। इसलिए यह वैल्यूएशन ठीक लगता है। कंपनी डायवर्सिफिकेशन पर फोकस कर रही है। इसका भी फायदा मीडियम टर्म में मिलेगा। पिछले 6 महीनों में यह स्टॉक 16 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 22 अगस्त को शेयर दोपहर में 1.57 फीसदी की गिरावट के साथ 192.15 रुपये पर चल रहा था।

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