Equitas SFB Crash: एक इस्तीफे से दो दिन में 35% टूटा शेयर, जानें अब क्या है ब्रोकरेज का रुख

Equitas SFB Share Crash: इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों में भारी भूचाल आ गया है। एमडी और सीईओ पी एन वासुदेवन के अचानक इस्तीफे के बाद दो दिनों में स्टॉक 35% तक क्रैश हो चुका है। निवेशकों की चिंता और हितों के टकराव के इन आरोपों के बीच बैंक ने Q2 में ₹218 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा भी कमाया है। भारी गिरावट के बाद ब्रोकरेज हाउसेज ने इस पर क्या सलाह दी है? जानें

अपडेटेड Oct 30, 2026 पर 10:41 AM
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वैसे बैंक ने Q2 में ₹218 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा भी कमाया है

Equitas Small Finance Bank Share Price Crash: इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। आज बैंक के शेयर 15% तक टूट गए, जिससे बीते दो कारोबारी सत्रों में इसमें कुल 35% की बड़ी गिरावट आ चुकी है।

शेयर में इस तेज गिरावट की मुख्य वजह बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पी एन वासुदेवन का अचानक इस्तीफा देना है। वासुदेवन ने अपनी बेटी द्वारा चलाई जा रही एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) से जुड़े हितों के टकराव की चिंताओं के बीच अपने पद से हटने का फैसला किया है।

आज सुबह 10:10 बजे बीएसई पर इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर 15% की गिरावट के साथ ₹48.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।


क्यों दिया सीईओ ने इस्तीफा?

पी एन वासुदेवन पिछले एक दशक से अधिक समय से बैंक का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने 2007 में इक्विटास की शुरुआत माइक्रोफाइनेंस संस्थान के रूप में की थी और 2016 में इसे स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदला। वासुदेवन की बेटी वार्षिणी वासुदेवन पथांगी ने साल 2023 में 'यूनिको हाउसिंग फाइनेंस' नाम से एक अनलिस्टेड NBFC बनाई थी।

वासुदेवन ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने इस संबंध में निदेशक मंडल और भारतीय रिजर्व बैंक को पहले ही जानकारी दे दी थी और कोई वास्तविक हितों का टकराव नहीं था। वैसे उन्होंने कहा, 'कभी-कभी हकीकत से ज्यादा धारणाएं हावी हो जाती हैं।' निवेशकों द्वारा जताई जा रही चिंताओं के कारण शेयर पर दबाव बन रहा था।

बोर्ड ने वासुदेवन से नया सीईओ मिलने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया है। बैंक ने नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी को नए उम्मीदवार की तलाश करने को कहा है।

चालू वर्ष की शुरुआत में आरबीआई ने इक्विटास और यूनिको के संबंधों को समझने के लिए बैंक प्रबंधन से संपर्क किया था। अगस्त में बैंक ने स्पष्ट किया था कि उसने यूनिको के साथ केवल एक डिपॉजिट डील की है।

कैसे रहे इक्विटास के Q2 FY27 नतीजे

सीईओ के इस्तीफे की खबर के बीच बैंक का दूसरी तिमाही (Q2 FY27) का ऑपरेशनल प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। सितंबर तिमाही में बैंक का कुल बिजनेस ₹1 लाख करोड़ के पार निकल गया और बैंक ने ₹218 करोड़ का अब तक का रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा दर्ज किया। बढ़ती फंडिंग लागत के कारण शुद्ध ब्याज मार्जिन में 7 bps की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन प्रोविजनिंग कम रहने से एसेट क्वालिटी का रुझान बेहतर बना हुआ है।

क्या है ब्रोकरेज हाउसेज की राय और टारगेट प्राइस

गिरावट के बावजूद प्रमुख ब्रोकरेज हाउस बैंक के बिजनेस आउटलुक और एसेट क्वालिटी को लेकर पॉजिटिव हैं। Elara Securities के मुताबिक, ब्याज दर चक्र का फायदा बैंक को मिलेगा और एसेट क्वालिटी में सुधार हो रहा है। ब्रोकरेज ने भारी गिरावट के बाद शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹77 का टारगेट प्राइस दिया है।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बेहतर इनकम और कम क्रेडिट कॉस्ट से बैंक के नतीजे मजबूत रहे हैं। नए सीईओ के चयन की प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी। ब्रोकरेज ने शेयर पर BUY रेटिंग दोहराते हुए ₹75 का रिवाइज्ड टारगेट प्राइस तय किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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