Stock Crash News: फाइनेंशियल सेक्टर की Equitas Small Finance Bank के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट आई। बैंक के MD और CEO पीएन वासुदेवन ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 29 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। हितों के टकराव को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने यह फैसला लिया। बैंक का शेयर NSE पर 20% के लोअर सर्किट के साथ ₹52.11 पर बंद हुआ।
बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे पीएन वासुदेवन का इस्तीफे वाला पत्र मिला है। वासुदेवन ने कहा कि वह अब अपने निजी और सामाजिक कामों पर ध्यान देना चाहते हैं। इसके जरिए वह समाज के लिए और योगदान देना चाहते हैं।
बेटी की NBFC को लेकर क्या है मामला?
वासुदेवन ने अपने पत्र में बताया कि उनकी बेटी एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) की को-प्रमोटर हैं। इस कंपनी को 2023 में RBI से लाइसेंस मिला था। वासुदेवन के मुताबिक, उन्होंने इस मामले की जानकारी बैंक के बोर्ड और RBI को पहले ही दे दी थी।
उन्होंने कहा कि बैंक के MD के तौर पर उनकी भूमिका और बेटी की NBFC में हिस्सेदारी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के दायरे में थीं।
निवेशक लगातार उठा रहे थे सवाल
वासुदेवन ने बताया कि पिछले तीन साल से निवेशक बैठकों में हितों के टकराव की आशंका पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, उनका कहना था कि बैंक और उस NBFC के बीच ऐसा कोई टकराव नहीं था।
उन्होंने बताया कि करीब ढाई साल पहले बैंक ने उस NBFC में कुछ समय के लिए रकम जमा की थी। तय समय पर यह रकम वापस मिल गई। बैंक ने NBFC को कोई कर्ज भी नहीं दिया था।
बोले- धारणा हकीकत से ज्यादा मजबूत
वासुदेवन के मुताबिक, सफाई देने के बावजूद हितों के टकराव की आशंका बनी रही। निवेशकों ने उनसे कहा था कि इस मुद्दे का असर बैंक के शेयर पर पड़ रहा है। इससे शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए वैल्यू बनाने की कोशिशें भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने अपने पत्र में कहा, 'कभी-कभी लोगों की धारणा हकीकत से ज्यादा मजबूत होती है।' वासुदेवन ने कहा कि उन्होंने इन चिंताओं को दूर करने के लिए पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्हें उम्मीद है कि मामला सुलझने के बाद बैंक के शेयर में उसकी वित्तीय मजबूती दिखेगी और सभी हितधारकों को फायदा होगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।