EverestIMS Tech IPO Listing: कंपनियों के सर्वर्स, नेटवर्क्स, एप्लीकेशंस, और आईटी एसेट्स को संभालने वाली एवरेस्टआईएमएस टेक के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 294 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹85 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹126.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 48.24% का लिस्टिंग गेन (EverestIMS Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हुई जब शेयर टूट गए।
टूटकर यह ₹120.00 (EverestIMS Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 41.18% मुनाफे में हैं। आज सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन लाल हैं और अधिकतर सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स भी कमजोर हैं।
EverestIMS Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एवरेस्टआईएमएस टेक का ₹48 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 294.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 148.63 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 548.61 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 268.29 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹140 करोड़ के 11,07,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹5.66 करोड़ एआई इनोवेशन और एक्सपीरिएंस लैबोरेटरी के सेटअप के लिए आईटी हार्डवेयर की खरीदारी, ₹24.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
EverestIMS Tech के बारे में
एवरेस्टआईएमएस टेक एक सॉफ्टवेयर कंपनी है जो आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निगरानी रखती है और उसे संभालती है। इसका मुख्य प्रोडक्ट इंफ्राऑन इनफिनिटी है, एक तरह से आईटी कंट्रोल रूम की तरह काम करता है। कंपनी दो तरीके से अपना सॉफ्टवेयर देती है, एक तो SaaS और दूसरा ऑन-प्रीमिस। SaaS में कस्टमर का सॉफ्टवेयर क्लाउड पर चलता है तो ऑन-प्रीमिस में ग्राहक अपने खुद के सर्वर पे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में 10.83 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹14.08 करोड़ से इसका शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में ₹13.14 करोड़ पर आ गया। हालांकि इस दौरान टोटल इनकम लगातार बढ़ा और सालाना 20% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹65.91 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹43.54 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।