आने वाले यूनियन बजट 2022-23 में एसेट मोनेटाइजेशन एक अहम थीम हो सकता है। आगामी बजट में इसके लिए उसी तरह से लक्ष्य तय किए जा सकते हैं जैसे विनिवेश, टैक्स और गैर-टैक्स आय के लक्ष्य तय किए जाते हैं। मोनेटाइजेशन के लिए नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन प्लेटफार्म का काम करेगा।
जिसका अनुमान है कि अगले 4 साल की अवधि में कुल 6 लाख करोड़ रुपए का एसेट मोनेटाइजेशन संभव है। NMP एसेट मोनेटाइजेशन के लिए एक चार वर्षीय प्लान बनाता है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया है कि आने वाले बजट से मोनेटाइजेशन के लिए एक वार्षिक लक्ष्य रखा जाएगा।
80000 करोड़ रुपए के वर्तमान वित्त वर्ष के एसेट मोनेटाइजेशन का लक्ष्य उस समय रखा गया था जब NMP का एलान किया गया था। ये निर्धारण बजट में नहीं किया गया था। लेकिन अगले बजट से ये व्यवस्था बदलती दिखाई देगी।
इस अधिकारी ने मनीकंट्रोल से कहा कि केंद्र सरकार ने अभी वित्त वर्ष 2023 के लिए एसेट मोनोटाइजेशन का लक्ष्य तय नहीं किया है लेकिन यह 1 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। बता दें कि सरकार ने सितंबर में NMPका एलान किया था। जिसका लक्ष्य नीजि क्षेत्र के साथ ब्राउंड फील्ड प्रोजेक्ट्स में वैल्यू अनलॉक करना था। इसके तहत निजी क्षेत्रों के साथ रेवेन्यू शेयरिंग तो की जाएगी लेकिन ओनरशिप सरकार के पास ही रहेगा।
यह व्यवस्था पब्लिक पार्टनरशिप जैसी रहेगी। इस मोनोटाइजेशन से मिला पैसा सरकारअपने उपयोग में नहीं लाएगी बल्कि यह पैसा सरकारी कंपनियों और गर्वमेंट एजेसियों में जाएगा और यह कंपनियां शेयर बायबैक और डिविडेंड के जरिए कुछ पैसा सरकार को देगी।
National Highways Authority of India (NHAI), Airports Authority of India (AAI), Bharat Sanchar Nigam (BSNL) जैसी कंपनियों के मामले में सारा पैसा शेयर बायबैक के जरिए केंद्र सरकार को मिलेगा।