Exim Routes IPO Listing: रिसाइकल पेपर के वैश्विक बी2बी बिजनेस की एग्जिम रूट्स की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 15 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹88 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹110.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 25% का लिस्टिंग गेन (Exim Routes Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। ₹114.50 की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद टूटकर यह ₹104.50 (Exim Routes Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि निचले स्तर से इसने तेज रिकवरी की। रिकवर होकर तेजी से यह ₹115.50 के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 31.25% मुनाफे में हैं।
Exim Routes IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एग्जिम रूट्स का ₹43.73 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-16 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 15.23 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 19.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 9.94 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹5 की फेस वैल्यू वाले 49,69,600 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.87 करोड़ एरिस (ERIS) प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट और मेंटेनेंस, ₹7.13 करोड़ नई हायरिंग के लिए ऑफिस स्पेस में निवेश, ₹9.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
अप्रैल 2019 में बनी एग्जिम रूट्स रिसाइकल होने वाले पेपर मैटेरियल्स को लेकर एक वैश्विक प्लेटफॉर्म है। इसका कारोबार देश-विदेश में फैला हुआ है। रिसाइकिल होने वाले पेपर्स के बायर्स और सेलर्स को जोड़ने के लिए अपने एआई से लैस बी2बी प्लेटफॉर्म एरिस (ERIS) का इस्तेमाल करती है। इसके बिजनेस मॉडल की बात करें तो यह दुनिया भर में खराब कागज या कचरे को जुटाती है, इसे भारतीय मिलों को सप्लाई करती है। यह लॉजिस्टिक्स का काम देखती है। इसका कारोबार भारत और सिंगापुर में फैला है, साथ ही अमेरिका, यूके, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका में इसकी सब्सिडरीज भी हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹37 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.20 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹7.56 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 82% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹120.99 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹1.17 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹44.17 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹5.10 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.71 करोड़ पड़े थे।
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